नया बदायूं, संवाददाता।
जिले में बाल वाटिका के तहत कार्यरत ईसीसी एजूकेटरों को छह माह से वेतन न मिलने के विरोध में ईसीसी एजूकेटर संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारी व सदस्य बुधवार को मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) कार्यालय पहुंचे और अपनी समस्याएं रखीं।
बताया गया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जनवरी माह में बाल वाटिका के लिए ईसीसी एजूकेटरों की भर्ती कराई गई थी, जिसमें बदायूं जिले के करीब 200 अभ्यर्थियों की नियुक्ति आउटसोर्सिंग के माध्यम से की गई। नियुक्ति लखनऊ की एक निजी कंपनी के जरिए कराई गई है।
संघर्ष मोर्चा के जिला अध्यक्ष सत्येंद्र कुमार सिंह ने सीडीओ को बताया कि संबंधित कंपनी द्वारा लगातार शोषण किया जा रहा है। छह माह के दौरान केवल एक माह का ही वेतन दिया गया है, जबकि सभी एजूकेटर नियमित रूप से विद्यालयों में उपस्थिति दर्ज कराते हुए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वेतन भुगतान को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग और कंपनी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं, जिससे एजूकेटरों को भारी आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
जिला सचिव अखिलेश कुमार ने कहा कि काम पूरा लिया जा रहा है, लेकिन वेतन के मामले में न तो कंपनी और न ही विभाग कोई ठोस कदम उठा रहा है। उन्होंने कहा कि आर्थिक तंगी के कारण घर का खर्च और किराया निकालना मुश्किल हो गया है। ऐसे में संगठन अपने हक के लिए संघर्ष जारी रखेगा।
सीडीओ ने एजूकेटरों को आश्वासन दिया कि मामले में शीघ्र कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने सभी एजूकेटरों को बेसिक शिक्षा अधिकारी, बदायूं के पास जाकर अपनी समस्या रखने के निर्देश दिए।
ज्ञापन देने वालों में शैलेंद्र कुमार, रहीसुल, अखिलेश कुमार, दुर्वेश, अवंतिका, शशि, पूनम, रवि प्रकाश, सोनम, दीक्षा सक्सेना, मानसी सक्सेना, रुबी माहेश्वरी, ज्योति, रेनू, गायत्री, सुगंधा यादव, यादवती, प्रियंका, सुमन पाल और रश्मि सक्सेना सहित अन्य मौजूद रहे।
