संवाददाता बरेली ब्यूरो। पूर्वोत्तर रेलवे की मंडल रेल प्रबंधक वीणा सिन्हा ने रविवार को अचानक पीलीभीत जंक्शन का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान स्टेशन पर फैली अव्यवस्थाओं और निर्माण कार्यों में लापरवाही को देखकर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। डीआरएम के अचानक पहुंचने की खबर से रेलवे महकमे में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में सभी स्थानीय रेल अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
निरीक्षण में डीआरएम को मिलीं भारी कमियां।
पिछले दिनों पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक (GM) के निरीक्षण के बाद यह पहला मौका था जब मंडल रेल प्रबंधक खुद जमीनी हकीकत परखने पहुंची थीं। निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने पाया कि
अस्त-व्यस्त संसाधन: स्टेशन परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों से संबंधित निर्माण सामग्री और संसाधन बेहद लापरवाही से बिखरे पड़े थे।
साफ-सफाई का अभाव: स्टेशन पर स्वच्छता मानकों की अनदेखी पाई गई, जिस पर उन्होंने संबंधित विभाग को जमकर फटकार लगाई।
निर्माण कार्य में सुस्ती: चल रहे विकास कार्यों की गति और उनके रख-रखाव के तरीके पर भी उन्होंने असंतोष व्यक्त किया।
जिम्मेदारों की जवाबदेही तय
डीआरएम वीणा सिन्हा ने मौके पर ही ‘गति शक्ति’ परियोजना के प्रतिनिधियों और इंजीनियरिंग विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को तलब किया। उन्होंने संसाधनों के बेतरतीब रखरखाव पर तीखे सवाल किए और पूछा कि जीएम के निरीक्षण के बाद भी व्यवस्थाओं में सुधार क्यों नहीं हुआ? अधिकारियों के पास डीआरएम के कड़े सवालों का कोई ठोस जवाब नहीं था।
मचा हड़कंप, व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश।
डीआरएम के सख्त तेवर देख स्टेशन पर मौजूद कर्मचारियों और अधिकारियों में अफरा-तफरी का माहौल रहा। उनके निर्देश के बाद तुरंत स्टेशन परिसर में सफाई अभियान शुरू कराया गया और बिखरे हुए सामान को व्यवस्थित करने का काम शुरू हुआ। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यात्री सुविधाओं में किसी भी प्रकार की कोताही और निर्माण कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
