बदायूं, संवाददाता।Nayabadaun
जनपद बदायूं में ब्लॉक स्तर पर राष्ट्रीय आजीविका मिशन परियोजना में भ्रष्टाचार पनप रहा है लेकिन अफसरों की सेटिंग के चलते महिलाओं की आवाज दब रही है और आर्थिक शोषण की शिकार हो रही हैं। ताजा मामला म्याऊं ब्लॉक से आया है, क्योंकि मामला तो लंबे समय से चल रहा है लेकिन ब्लॉक स्तर के अधिकारी और पुलिस आर्थिक सांठगांठ के चलते फर्जी रिपोर्ट लगाकर दबाती आई है, एक बार फिर बीते दिनों राष्ट्रीय आजीविका मिशन के ब्लॉक स्तरीय अधिकारी ने कमीशन ना देने पर समूह की महिला के साथ ब्लॉक में अभद्रता की। जिसकी शिकायत पीड़ित महिला ने इस बार बदायूं अलापुर थाना पुलिस एवं बदायूं पुलिस से नहीं की है डीआईजी बरेली से की है, क्योंकि पुलिस पहले ही आर्थिक साठगांठ के चलते मामले को फर्जी रिपोर्ट लगाकर दबा चुकी है ऐसे में पीड़ित महिला परेशान होकर डीआईजी बरेली से शिकायत की है और कार्रवाई की मांग की है।
म्याऊं विकासखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत विशारतनगर निवासी निशा यादव ने बीएमएम सलीम और बैंक सखी दीपशिखा पर वित्तीय अनियमितता, अभद्र भाषा का प्रयोग करने और मानसिक रूप से परेशान करने का आरोप लगाया है। उन्होंने मामले की शिकायत कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में निशा यादव ने बताया कि पूर्व में शिकायत करने पर उन्हें समूह कैडर से हटा दिया गया था, जबकि उनके बीके का मानदेय ले लिया गया और समूह द्वारा किए गए कार्य का भुगतान नहीं किया गया। आरोप है कि 11 सितंबर 2026 को वह बीएमएम सलीम से बातचीत करने पहुंचीं, जहां बैंक सखी दीपशिखा भी मौजूद थीं। शिकायतकर्ता के अनुसार, बातचीत के दौरान दोनों ने उनके साथ बदसलूकी की और अभद्र भाषा का प्रयोग किया।
मारपीट का प्रयास
निशा यादव का आरोप है कि विरोध करने पर उनके साथ मारपीट करने का प्रयास किया गया। उन्होंने किसी तरह वहां से निकलकर अपनी जान बचाई। शिकायत में यह भी कहा गया है कि सलीम और दीपशिखा पिछले करीब दो वर्षों से उन्हें मानसिक रूप से परेशान कर रहे हैं। पूर्व में शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से उनके हौसले बढ़े हुए हैं।
शिकायतकर्ता ने दोनों पर धमकी देने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने अधिकारियों से रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस अफसर और जनप्रतिनिधियों ने दबाया था मामला
जनपद के ब्लॉक में म्याऊं में लंबे समय से बीएमएम सलीम और समूह की महिला का मामला चल रहा है जिसमें समूह की महिला की शिकायत को लगातार दबाया जा रहा है लेकिन बीते समय जब शिकायत की गई थी तो पुलिस अधिकारी और ब्लॉक के जनप्रतिनिधि ने आर्थिक सांठगांठ कर मामले को दबा दिया और फर्जी रिपोर्ट लगाकर शिकायत का निस्तारण कर दिया गया, जिन लोगों का गवाही के रूप में हवाला देते हुए शिकायत का निस्तारण किया गया है उन लोगों ने साफ इनकार कर दिया है कि उनसे बिना बयान लिए ही उनकी ओर से हवाला दे दिया गया।
रिश्वतखोरी हो धमकाने का ऑडियो वायरल
ब्लॉक म्याऊं के बीएमएम सलीम और बैंक सखी दीपशिखा द्वारा समूह की महिला निशा यादव से रिश्वत मांगने और धमकाने जैसे ऑडियो वायरल हो चुके हैं वहीं निशा यादव के द्वारा शिकायत के साथ भी साक्ष्य बताओ दिए गए हैं। जिसमें समूह की महिला को धमकाया जा रहा है और रिश्वत की मांग की जा रही है। इससे साफ है कि विभाग में भ्रष्टाचार हो रहा है और महिलाओं का शोषण किया जा रहा है।
अफसर के नाम पर की जा रही वसूली
राष्ट्रीय आजीविका मिशन ग्रामीण में भ्रष्टाचार की परतें म्याऊं के मामले से खुल रही हैं। जिस तरह से समूह की महिला निशा यादव ने आरोप लगाए हैं और उनके द्वारा दी गई ऑडियो में बीएमएम और बैंक सखी समूह की महिलाओं से रिश्वतखोरी की वसूली कर रही हैं उसमें राष्ट्रीय आजीविका मिशन के जिला स्तरीय अधिकारी से लेकर ब्लॉक अधिकारी व अन्य अफसर के नाम पर धन की उगाही कर रही हैं इससे साफ है सभी अधिकारी भ्रष्टाचार के हिस्सेदार हैं।
