नया बदायूं, संवाददाता।
बदायूं राजकीय मेडिकल कॉलेज में महिला की पथरी का ऑपरेशन करने के लिए 40 हजार हड़प लिए गए। इसके बाद भी ऑपरेशन करने में डॉक्टर के द्वारा लापरवाही की गई जिसकी वजह से ऑपरेशन के दौरान वॉल डालते समय फेफड़ों में घुस गया और पास आने से फेफड़ा सिकुड़ गए, इसके बाद महिला की हालत बिगड़ती चली गई और बरेली के अस्पताल में जाकर आखिरकार मौत हो गई। इससे पहले भी मेडिकल कॉलेज में परिजनों ने विरोध किया लेकिन अधिकारी और डॉक्टर परिजनों को बहलाते रहे और कोई कार्रवाई नहीं की गई। महिला की मौत के बाद भी मेडिकल कॉलेज और पुलिस ने अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं किया लेकिन हां स्वास्थ्य विभाग ने जरूर इसमें गंभीरता दिखाई है और संबंधित डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पीड़ित परिवार की ओर से पत्र को अपर स्वास्थ्य निदेशक बरेली मंडल बरेली को भेजा है। जिसमें कार्रवाई की मांग की गई है।
बदायूं के राजकीय मेडिकल कॉलेज में सर्जरी विभाग में हजरत पुर की शोभा चौहान का पथरी का ऑपरेशन किया गया जिसमें डॉक्टर के स्तर से बड़ी लापरवाही की गई। बीते दिन महिला की मौत हो चुकी है जिसको लेकर महिला के पति अनूप सिंह ने सीएमओ को लिखित पत्र भी दिया है लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं हो सकी है हालांकि सीएमओ डॉक्टर मोहन झा ने इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए तत्काल उसे पत्र को अपर स्वास्थ्य निदेशक बरेली मंडल बरेली डॉक्टर तेजपाल को भेजा है। सीएमओ ने जांच कर मामले में कार्रवाई करने की लिए पत्र लिखा है। पीड़ित परिवार की शिकायत के अनुसार महिला शोभा चौहान का पथरी का ऑपरेशन मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग डॉ अमित गुप्ता और डॉक्टर प्रियंका के द्वारा किया गया जिन्होंने घोर लापरवाही बरती जिससे महिला के फेफड़ों में पास पड़ा और आखिरकार मौत के घाट उतारना पड़ा। पीड़ित परिवार ने दोनों डॉक्टरों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल मामला एडी हेल्थ तक पहुंच चुका है अगर निष्पक्षता से साथ जांच होती है तो निश्चित तौर पर डॉक्टर अमित गुप्ता और डॉक्टर प्रियंका के खिलाफ कार्रवाई मानी जा रही है।
डॉक्टरों के सहयोग और राजनीतिक प्रेशर से दबाया जा रहा मामला
राजकीय मेडिकल कॉलेज में मरीजों की मौत का मामला कोई यह नया नहीं है आए दिन मरीजों की मौत होती है लेकिन इस बार महिला की गलत ऑपरेशन से मौत हुई और परिवार बिखर गया। इस मामले में पीड़ित परिवार डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है। इस मामले में लापरवाही का आरोप सर्जन डॉक्टर अमित गुप्ता और डॉक्टर प्रियंका पर लग रहा है। डॉक्टर पर कार्रवाई की गाज ना गिरे इसके लिए मेडिकल कॉलेज से लेकर सीएमओ ऑफिस और पोस्टमार्टम हाउस तक के डॉक्टर मामले को निपटने में लगे हैं। इतना ही नहीं इस मामले को दबाने के लिए राजनीतिक प्रेशर भी अफसर पर डलवाया जा रहा है जिस मामले में दोनों डॉक्टरों पर कार्रवाई से बचाया जा सके। क्योंकि इसमें एक डॉक्टर राजनीतिक संरक्षण प्राप्त हैं जिनके द्वारा लगातार अधिकारियों को नेताओं के माध्यम से फोन कराए जा रहे हैं।
यह है पूरा मामला
बदायूं राजकीय मेडिकल कॉलेज में हजरत पुर निवासी अनूप सिंह की पत्नी शोभा चौहान का पथरी ऑपरेशन करीब 16 दिन पहले कराया था। यह ऑपरेशन मेडिकल कॉलेज के सर्जन डॉक्टर अमित गुप्ता और डॉक्टर प्रियंका के द्वारा किया गया। पति अनूप का आरोप है कि डॉक्टर के द्वारा ऑपरेशन करते समय सही से वॉल नहीं डाला गया, बाल फेफड़ों में घुस गया जिसकी वजह से पास आने लगा और दिक्कत होने लगी। दिक्कत हुई तो जांच करने पर पता चला कि पास आने लगा है इसके बाद डॉक्टरों ने देखा और बताया कि अब दोबारा से ऑपरेशन करना होगा। अगले शुक्रवार को दोबारा से ऑपरेशन किया गया इसके बाद लगातार फेफड़ों से उड़ाते चले गए और सांस लेने में दिक्कत होने लगी। 26 मई को जब ज्यादा तबीयत खराब हुई तो डॉक्टर अमित गुप्ता और डॉ प्रियंका ने कह दिया कि सैफई मेडिकल कॉलेज ले जाओ। पर जनों ने विरोध किया हंगामा हुआ काफी शोर सराव हुआ जिसके बाद अपने आप को फसता देख डॉक्टरों ने महिला को बरेली के निजी अस्पताल में इलाज के लिए भेजा और कहा कि इसका खर्चा हम अपनी जेब से करेंगे। मगर बरेली के प्राइवेट हॉस्पिटल में भी महिला की जान नहीं बच सकी और 27 मई को महिला की मौत हो गई।
दो बच्चों के सिर से उठ गया मां का साया
अनूप सिंह की पत्नी शोभा चौहान की गलत ऑपरेशन होने से राजकीय मेडिकल कॉलेज की लापरवाही के चलते मौत हो चुकी है। अनूप सिंह फूट-फूट कर रो रहे हैं और उन्हें बार-बार मलाल आ रहा है कि उनके दो बच्चे हैं। बच्चों के सर से मां का साया उठ गया है। दोनों बच्चों को मां का प्यार अब कौन देगा और पूरा परिवार बिखर गया है। उनका कहना है इसके लिए पूरी तरह से मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर अमित गुप्ता और डॉक्टर प्रियंका जिम्मेदार हैं जिन्होंने लापरवाही बरती और महिला की जान चली गई।
पुलिस को तहरीर का इंतजार
थाना सिविल लाइंस पुलिस इंस्पेक्टर हरेंद्र सिंह का कहना है कि महिला की मौत के मामले में हमसे पोस्टमार्टम कराने को कहा गया था तो हमारे द्वारा कार्रवाई करते हुए पोस्टमार्टम की प्रक्रिया को पूरा कराया गया है। मुकदमा दर्ज करने के लिए पीड़ित परिवार ने शिकायत सीएमओ के पास दी थी, सीएमओ के पास से अगर कोई लिखित पत्र हमारे पास आएगा तो मुकदमा दर्ज किया जाएगा या फिर परिवार लिखकर सीधे हमारे लिए तहरीर दे। फिलहाल पुलिस को तहरीर और आदेश का इंतजार है इसके बाद ही मुकदमा दर्ज करने की बात पुलिस का रही है।
सीएमओ की सुनिए:::::
बदायूं सीएमओ डॉक्टर मोहन झा का कहना है कि महिला की मौत के मामले में पीड़ित परिवार ने शिकायती पत्र दिया लेकिन महिला का इलाज राजकीय मेडिकल कॉलेज में हुआ राजकीय मेडिकल कॉलेज में प्रिंसिपल अधिकारी होते हैं वह सीएमओ रैंक से ऊपर की रैंक के अधिकारी है इसलिए हम उनकी जांच नहीं कर सकते। मगर महिला को न्याय मिलना चाहिए इसलिए हमने अपर स्वास्थ्य निदेशक बरेली मंडल बरेली को पत्र भेजा है वह अपने स्तर से जांच कर कार्रवाई करेंगे।
