नया बदायूं

बीएमएम के भ्रष्टाचार की पोल खोल चुकी है बैंक सखी

बदायूं, संवाददाता।

म्याऊं ब्लॉक पर राष्ट्रीय आजीविका मिशन ग्रामीण में समूह की महिला और बीएमएम बीच विवाद चल रहा है। जिसमें समूह सखी द्वारा भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं और अभद्रता के आरोप लगाए गए हैं। ब्लॉक के बीएमएम पर भ्रष्टाचार का कोई यह नया आरोप नहीं है इससे पहले भी कई बार मामले सामने आ चुके हैं। एक वर्ष पहले भी हुए विवाद में समूह सखी ही भ्रष्टाचार की पोल खोल चुकी हैं और अपना बयान अधिकारियों को दर्ज करा चुकी है।

म्याऊं ब्लॉक पर पिछले दिनों समूह की महिला निशा की ओर से बीएमएम सलीम पर अभद्रता और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए। निशा की ओर से ऑडियो भी वायरस की गई है जिसमें बैंक सखी निशा से सलीम के लिए रुपए की डिमांड कर रही हैं। जिसको अब नकारा जा रहा है और झूठा मामला करार दिया जा रहा है। जबकि इस तरह के भ्रष्टाचार की पोल पहले भी खुल चुकी है। बता दे की बैंक सखी दीपशिखा ने अधिकारियों के समक्ष लिखित बयान देकर अपने साथ हुई कथित घटना और कार्यस्थल पर उत्पन्न परिस्थितियों के संबंध में अपना पक्ष रखा था। 9 सितंबर 2025 को दिए गए बयान में बैंक सखी ने बताया कि वह एनआरएलएम के तहत बैंक सखी के पद पर कार्य कर रही है और संबंधित मामले में उसके ऊपर लगाए गए आरोपों को लेकर उसने अधिकारियों के सामने अपना पक्ष रखा।
बैंक सखी के अनुसार बयान के दौरान एडीओ (पी), आईएसबी और एडीओ (पी) समेत संबंधित अधिकारी मौजूद थे। उसने अपने बयान में कहा कि उसके संबंध में कुछ बातें कही गईं, जिन्हें वह गलत मानती है। महिला ने अधिकारियों को बताया कि उसने अपने स्तर से काम किया था और मामले में उसकी कोई गलत मंशा नहीं थी।
लिखित बयान में बैंक सखी ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारी के कहने पर सबकुछ किया। उसने कहा कि उसे मानसिक रूप से परेशान किया गया और मामले को लेकर उस पर दबाव बनाया गया। महिला का कहना है कि यदि उससे कोई गलती हुई हो तो उसे समझाया जाना चाहिए था, लेकिन उसके साथ कथित तौर पर अनुचित व्यवहार किया गया।
बैंक सखी के पिछले दिनों के वायरल ऑडियो के अनुसार वह बीएमएम के कहने पर समूह की महिला निशा से पैसे की डिमांड की जा रही थी। फिलहाल मामले में सीडीओ से लेकर अन्य अधिकारी संज्ञान ले चुके हैं और मामले की जांच कर रहे हैं देखना होगा की जांच के बाद इस मामले में क्या कार्रवाई होती है।

Exit mobile version