नया बदायूं

ट्रैफिक इंस्पेक्टर पर प्रताड़ना और अवैध वसूली के आरोप, टेंपो चालक डीएम कार्यालय पहुंचे

बदायूं, संवाददाता।Nayabadaun

बदायूं पुलिस की फजीहत अब ट्रैफिक पुलिस के माध्यम से होने लगी है, टेंपो चालकों ने लंबे समय से झेल रहे समस्या पर मुंह खोल दिया है और डीएम कार्यालय पहुंच गए। इसके बाद साफ तौर पर ट्रैफिक पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि जो टेंपो चालक या वाहन चालक ट्रैफिक पुलिस को पैसा दे देता है उसका चालान नहीं कटता है बाकी अन्य लोगों पर दबाव डालकर जबरन चालान काटे जा रहे हैं और महीनेदारी की वसूली देने के लिए दवा बनाया जा रहा है।

ट्रैफिक इंस्पेक्टर मनोज कुमार वर्मा पर कथित रूप से गाली-गलौज, अभद्रता, मारपीट और अवैध वसूली के आरोप लगाते हुए सोमवार को बड़ी संख्या में टेंपो चालक एकत्र होकर डीएम कार्यालय पहुंचे। टेंपो चालकों ने जिलाधिकारी अवनीश कुमार राय से शिकायत कर मामले में कार्रवाई और ट्रैफिक पुलिस की कथित प्रताड़ना से निजात दिलाने की गुहार लगाई।
टेंपो चालकों का आरोप है कि नए ट्रैफिक इंस्पेक्टर के कार्यभार संभालने के बाद से उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है। चालकों के मुताबिक शहर में टेंपो खड़ा करने के लिए निर्धारित स्थान नहीं है। ऐसे में सड़क किनारे सवारी भरने पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी उन्हें रोकते हैं और कथित तौर पर गाली-गलौज व अभद्र व्यवहार करते हैं। चालकों ने डंडे से मारने, चालान करने की धमकी देने और इसके बाद पैसों की मांग किए जाने के भी आरोप लगाए।
चालकों का कहना है कि वे परिवार का पालन-पोषण टेंपो चलाकर करते हैं। यदि शहर में टेंपो खड़ा करने और सवारी बैठाने के लिए उचित व्यवस्था नहीं की गई तो उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने डीएम से मांग की कि टेंपो चालकों के लिए निर्धारित स्थान उपलब्ध कराया जाए और कथित अवैध वसूली तथा अभद्र व्यवहार की जांच कराई जाए।
टेंपो चालकों ने अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि यदि उनकी शिकायत पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आगे भी अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्या उठाएंगे।
हालांकि, ट्रैफिक इंस्पेक्टर पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। मामले में पुलिस विभाग का पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

Exit mobile version