लखनऊ ब्यूरो। नया बदायूं टीम
उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के द्वावार्षिक चुनाव के प्रत्याशियों की घोषणा के बाद से ब्रज मंडल में हलचल मची हुई थी लेकिन इस बीच बरेली की वाला से पूर्व सांसद रहे धर्मेंद्र कश्यप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखी जिसमें टाटा बाय-बाय जैसे शब्दों ने बदायूं से लेकर बरेली और पूरे उत्तर प्रदेश में हलचल मचा दी। बुधवार को पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप का एक बयान भी मीडिया के सामने आया जिसमें उन्होंने कहा कि 2024 में संसद जाने से जिन्होंने हमको रोक उन्हीं को भाजपा में सम्मान मिल रहा है। इसलिए अगला कदम क्या होगा जल्द ही साफ कर देंगे इसको लेकर कार्यकर्ताओं और पदाधिकारी को बुलाया है उनके साथ बैठक करेंगे और उनके निर्णय के अनुसार अगला कदम उठाएंगे। फिलहाल भाजपा के आवंला पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप के समाजवादी पार्टी में शामिल होने की चर्चाएं तेज है।
भाजपा की ओर से उत्तर प्रदेश में राज्यसभा प्रत्याशियों की सूची जारी होने के बाद बरेली की सियासत में हलचल तेज हो गई है। पार्टी ने आंवला विधायक एवं कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह और श्रुति गंगवार को राज्यसभा का प्रत्याशी बनाया है। सूची में पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप का नाम नहीं होने के बाद उनकी सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा का विषय बन गई है।
आंवला के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने फेसबुक पर सिर्फ तीन शब्द लिखे—‘टाटा, बाय-बाय…’। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ लगी अपनी फोटो भी हटा दी। पोस्ट सामने आने के बाद उनके समर्थकों की प्रतिक्रियाएं आने लगीं और भाजपा के फैसले को लेकर नाराजगी जताई गई। हालांकि, अभी तक धर्मेंद्र कश्यप की ओर से भाजपा छोड़ने की कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।
धर्मेंद्र कश्यप का कहना है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में जिन्होंने उन्हें हराया, उन्हें सम्मान दिया गया है। ऐसे में अब अगला कदम पार्टी के कार्यकर्ताओं के अनुसार तय किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जल्द ही स्थिति साफ कर दी जाएगी।
2024 के लोकसभा चुनाव में आंवला सीट से धर्मेंद्र कश्यप को समाजवादी पार्टी के नीरज मौर्य से हार मिली थी। इसके बाद से ही उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाएं चल रही थीं। राज्यसभा की सूची में नाम नहीं आने के बाद उनकी सोशल मीडिया पोस्ट और बयान से सियासी अटकलें तेज हो गई हैं।
धर्मेंद्र कश्यप पहले समाजवादी पार्टी में रहे हैं और बाद में भाजपा में शामिल हुए थे। मौजूदा घटनाक्रम के बीच समाजवादी पार्टी में उनकी वापसी की चर्चा भी तेज हो गई है, हालांकि सपा में शामिल होने को लेकर अभी उनकी ओर से कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है।
उनके समर्थकों के बीच भी भाजपा के फैसले को लेकर नाराजगी देखने को मिल रही है। सोशल मीडिया पर कई समर्थकों ने पुराने नेताओं की अनदेखी और परिवारवाद जैसे सवाल उठाए हैं। वहीं, धर्मेंद्र कश्यप के अगले कदम को लेकर आंवला के साथ ही बरेली-बदायूं क्षेत्र की सियासत में भी नजर बनी हुई है।
भाजपा ने उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के लिए आठ उम्मीदवार घोषित किए हैं। इनमें धर्मपाल सिंह, श्रुति गंगवार समेत अन्य नाम शामिल हैं। अब धर्मेंद्र कश्यप के अगले राजनीतिक कदम और उनके संभावित फैसले को लेकर राजनीतिक चर्चाएं लगातार तेज हो रही हैं।
