नया बदायूं, संवाददाता।
समाजवादी पार्टी महिला मोर्चा की प्रदेश सचिव सुनीता पाल शुक्रवार रात अपनी पूरी टीम के साथ दिल्ली के जंतर-मंतर के लिए रवाना हो गईं। रवाना होने से पहले उन्होंने बदायूं में कार्यकर्ताओं और समर्थकों से बातचीत करते हुए कहा कि दिल्ली में जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राएं अपने अधिकारों की न्यायपूर्ण लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार उनकी मांगों के प्रति गंभीर नहीं है।
समाजवादी पार्टी महिला मोर्चा की प्रदेश सचिव सुनीता पाल ने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर संवेदनशील नहीं है और उनकी समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। सुनीता पाल ने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय सरकार को उनकी बात सुनकर समाधान निकालना चाहिए।
जनता सेवा करना मेरा उद्देश्य
सुनीता पाल ने यह भी कहा कि उनका बदायूं आगमन केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक सेवा के उद्देश्य से है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह जिले में रहकर निस्वार्थ भाव से गरीब, असहाय और जरूरतमंद लोगों की मदद करेंगी। उन्होंने कहा कि समाज के कमजोर वर्गों की रक्षा और उनकी समस्याओं को उठाना उनकी प्राथमिकता है।
निष्पक्ष जांच संग हो करवाई
इसके साथ ही उन्होंने बदायूं जिले में हाल के दिनों में हुई कुछ घटनाओं का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि इनमें भाजपा से जुड़े लोगों की भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, चाहे वह किसी भी दल से जुड़े हों। उन्होंने आगे कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा से आम जनता, किसानों, युवाओं और महिलाओं के अधिकारों की आवाज उठाती रही है। पार्टी का कर्तव्य है कि वह अन्याय के खिलाफ संघर्ष करे और देशहित में मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाए।
देश भर के युवाओं की बनेगी आवाज
रवाना होते समय उनके साथ महिला मोर्चा की कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने दिल्ली जाकर आंदोलन में भाग लेने की बात कही। उन्होंने विश्वास जताया कि जंतर-मंतर पर चल रहा आंदोलन देशभर के युवाओं की आवाज बनेगा और सरकार को उनकी मांगें माननी पड़ेंगी।
