नया बदायूं

बदायूं मेडिकल कॉलेज में सिस्टर इंचार्ज ने लगाया उत्पीड़न और असुरक्षा का आरोप, कार्रवाई की मांग

नया बदायूं, संवाददाता।

राजकीय मेडिकल कॉलेज बदायूं में तैनात एक सिस्टर इंचार्ज ने अपने ही विभाग के कुछ कर्मचारियों पर मानसिक उत्पीड़न, धमकी और कार्य में बाधा डालने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। इस संबंध में उन्होंने उच्च अधिकारियों को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य ने कार्रवाई को कमेटी गठित कर दी है। हालांकि सिस्टर इंचार्ज प्रधानाचार्य की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं।

मेडिकल कालेज सिस्टर इंचार्ज पूनम त्रिवेदी ने डीएम अवनीश कुमार राय व एसएसपी अंकिता शर्मा, सिविल लाइंस थाना पुलिस को शिकायत की है। इसके अलावा मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य षज्व कुमार से शिकायत की है। शिकायत के अनुसार, पीड़ित सिस्टर इंचार्ज पूनम पिछले तीन वर्षों से मेडिकल कॉलेज में सेवाएं दे रही हैं और वर्तमान में नेत्र रोग, नाक-कान-गला (ENT) वार्ड की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि नर्सिंग ऑफिसर अजीमा खानम पिछले लगभग डेढ़ वर्ष से वार्ड में तैनात हैं, लेकिन नियमित रूप से ड्यूटी नहीं करतीं और अक्सर बिना सूचना अनुपस्थित रहती हैं, जिससे मरीजों के इलाज पर प्रतिकूल असर पड़ता है।

उच्चाधिकारी नहीं करते कार्रवाई 
पीड़िता का यह भी कहना है कि जब उन्होंने इस संबंध में उच्च अधिकारियों को अवगत कराया तो कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने लिखित शिकायत भी दी, लेकिन उस पर भी ध्यान नहीं दिया गया। आरोप है कि इस मामले को दबाने के लिए संबंधित कर्मचारी और क्लर्क जुबली उर्फ जुल्फिकार द्वारा उन पर दबाव बनाया जा रहा है।

अवकाश प्रबंधन में चेहतों को लाभ
शिकायत में यह भी उल्लेख है कि अवकाश प्रबंधन को लेकर भी अनियमितताएं हो रही हैं। पीड़िता का कहना है कि जहां एक ओर अन्य नर्सिंग स्टाफ का अवकाश काटा जा रहा है, वहीं कुछ कर्मचारियों को विशेष लाभ दिया जा रहा है। इस पर सवाल उठाने पर उन्हें धमकियां दी गईं।

जानमाल का खतरा 
सबसे गंभीर आरोप यह है कि नर्सिंग ऑफिसर द्वारा उन्हें जान-माल की धमकी दी गई और कहा गया कि “यहां ड्यूटी करना और रहना मुश्किल कर देंगे।” पीड़िता ने अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है और कहा है कि यदि उनके साथ कोई घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित कर्मचारियों की होगी।

कानपुर के कर्मचारियों को बदायूं में धमकी
पीड़िता ने यह भी बताया कि वह कानपुर से आकर यहां अकेले सेवा दे रही हैं और इस प्रकार की घटनाओं से उनका मनोबल टूट रहा है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने जिलाधिकारी अवनीश कुमार राय सहित संबंधित उच्च अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि मेडिकल कॉलेज में कार्यरत कर्मचारियों को सुरक्षित और निष्पक्ष कार्य वातावरण मिल सके।

अधिकारी की सुनिए

राजकीय मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य डॉ शिव कुमार का कहना है कि कर्मचारियों का विवाद है और कुछ आरोप एक दूसरे पर लगा रहे हैं। इस मामले में कारवाई को लेकर कमेटी गठित कर दी है। जिसमें में डॉ नेहा, डॉ विपिन सहित पांच डॉक्टरों की कमेटी बना दी है। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर कारवाई की जाएगी।

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