बदायूं, संवाददाता।
श्रीरामलीला महोत्सव समिति द्वारा आयोजित रामलीला महोत्सव के तहत शहर में भगवान श्रीराम विवाह के पावन अवसर पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में श्रद्धा, भक्ति और भारतीय संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं शहरवासियों ने शोभायात्रा का स्वागत किया और भगवान श्रीराम की सवारी के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।
शोभायात्रा में इस बार विशेष रूप से राजस्थानी थीम आकर्षण का केंद्र रही। राजस्थान के जोधपुर, जयपुर और अन्य क्षेत्रों से आए कलाकारों ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा, लोककला और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। जयपुर से आए ब्रास बैंड की मधुर धुनों, हरियाणा के कलाकारों के ढोल तथा पंजाब के भांगड़ा कलाकारों ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया। कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से शोभायात्रा में चार चांद लगा दिए।
भगवान श्रीराम की सुसज्जित सवारी भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्था और सनातन परंपरा का प्रतीक बनी रही। जगह-जगह श्रद्धालु भगवान श्रीराम की सवारी को निहारते रहे और पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत करते रहे।
डीएम-एसएसपी एवं अन्य गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
श्रीराम विवाह की भव्य शोभायात्रा में डीएम अवनीश राय एवं एसएसपी अंकिता शर्मा सहित अन्य गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी अतिथियों ने धार्मिक आयोजन की सराहना करते हुए भारतीय संस्कृति, सामाजिक सद्भाव और धार्मिक परंपराओं के संरक्षण के महत्व पर बल दिया। श्रीरामलीला समिति की ओर से अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।
शहर के प्रमुख चौराहों पर हुआ भव्य स्वागत
शोभायात्रा का शहर के प्रमुख चौराहों पर भव्य स्वागत किया गया। पथिक चौक पर शहर विधायक महेश चंद गुप्ता, पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक भारतीय ने आरती कर शोभायात्रा का स्वागत किया। मढ़ई चौक पर नगर पालिका अध्यक्ष फात्मा रज़ा एवं आबिद रज़ा खान ने शोभायात्रा का स्वागत किया। शास्त्री चौक पर सर्वसमाज समिति ने शोभायात्रा का स्वागत किया, जबकि हलवाई चौक पर औषधि संघ द्वारा स्वागत किया गया।
पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शोभायात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन एवं पुलिस विभाग की ओर से व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए थे। तीन मजिस्ट्रेटों की ड्यूटी लगाई गई थी तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गई थीं, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
भगवान श्रीराम के आराध्य देव श्रीरंगजी महाराज का विशेष महत्व
शोभायात्रा से पूर्व भगवान श्रीराम के आराध्य देव श्रीरंगजी महाराज का स्मरण किया गया। श्रीरंगजी महाराज का मंदिर साहूकारा क्षेत्र में स्थित है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, श्रीरंगजी महाराज भगवान श्रीराम के आराध्य देव हैं। इसी आस्था के साथ शोभायात्रा में धार्मिक परंपराओं और भक्ति भाव को विशेष महत्व दिया गया।
श्रीराम विवाह की इस भव्य शोभायात्रा ने शहर में धार्मिक उल्लास, सामाजिक एकता और भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपरा का संदेश दिया। पूरे आयोजन में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। श्री रामलीला समिति ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले प्रशासन, पुलिस विभाग, गणमान्य अतिथियों, विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं समस्त श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।
