उसावां (बदायूं), संवाददाता।
विकासखंड उसावां के गांव बल्ले नगला में एक भैंस की मौत के मामले में कथित झोलाछाप पशु चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगा है। पीड़ित पशुपालक का कहना है कि डॉक्टर द्वारा दवा और इंजेक्शन लगाने के करीब 10 मिनट बाद भैंस की हालत बिगड़ गई और तड़पते हुए उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पीड़ित परिवार में शोक का माहौल है।
पीड़ित के अनुसार, गांव में एक कथित झोलाछाप पशु चिकित्सक भैंस का इलाज करने आया था। पीड़ित ने डॉक्टर से स्पष्ट रूप से कहा था कि पहले भैंस का बुखार चेक कर लिया जाए, उसके बाद ही दवा दी जाए। आरोप है कि डॉक्टर ने उसकी बात पर ध्यान नहीं दिया और भैंस को एक साथ चार इंजेक्शन लगा दिए। इसके अलावा टैबलेट भी खिलाई गईं। पीड़ित का दावा है कि दवा देने के लगभग 10 मिनट बाद ही भैंस तड़पने लगी और देखते ही देखते उसकी मौत हो गई।
घटना से आहत पीड़ित ने थाना उसहैत में लिखित तहरीर देकर कथित झोलाछाप पशु चिकित्सक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित ने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग उठाई है।
वहीं, पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिव्या चौहान ने बताया कि उक्त व्यक्ति उनके संपर्क में नहीं था। उन्होंने मामले की जानकारी और इलाज से संबंधित परिस्थितियों की जांच के संबंध में स्थिति स्पष्ट की।
अब सवाल यह है कि क्या मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और पशुपालक को न्याय मिल पाएगा? पुलिस की जांच और संबंधित विभाग की कार्रवाई के बाद ही भैंस की मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
