नया बदायूं, संवाददाता।
बिसौली क्षेत्र में बिना वैध लाइसेंस के संचालित किए जा रहे मेडिकल स्टोर पर औषधि विभाग की कार्रवाई के बाद दवाओं की गुणवत्ता को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। ग्राम लक्ष्मीपुर छितरपुर महारोला में हुई छापेमारी के दौरान जब्त की गई दवाओं के तीन सैंपल राजकीय प्रयोगशाला भेजे गए थे। जांच रिपोर्ट आने के बाद इनमें से एक दवा नकली और दो दवाएं अधोमानक पाई गई हैं। रिपोर्ट के आधार पर औषधि विभाग ने आरोपी के खिलाफ न्यायालय में परिवाद दाखिल कर दिया है।
जानकारी के अनुसार 26 दिसंबर 2025 को औषधि निरीक्षक लवकुश प्रसाद ने टीम के साथ ग्राम लक्ष्मीपुर छितरपुर महारोला में एक संदिग्ध मेडिकल स्टोर पर छापेमारी की थी। टीम को सूचना मिली थी कि यहां बिना किसी वैध ड्रग लाइसेंस और पंजीकरण के दवाओं की बिक्री की जा रही है। कार्रवाई के दौरान मौके पर शाहे पुत्र शमीन खान द्वारा दवाओं की बिक्री किए जाने की बात सामने आई। जांच में मेडिकल स्टोर संचालन के लिए आवश्यक लाइसेंस भी नहीं मिला।
भारी मात्रा में दवाएं जब्त कर भेजे गए थे सैंपल
छापेमारी के दौरान औषधि विभाग की टीम ने मौके से विभिन्न प्रकार की संदिग्ध दवाएं बरामद कर उन्हें कब्जे में लिया था। दवाओं की गुणवत्ता और वास्तविकता की जांच के लिए विभाग ने तीन अलग-अलग दवाओं के सैंपल नियमानुसार सील कर राजकीय प्रयोगशाला भेजे थे। रिपोर्ट आने तक विभाग ने मामले में आगे की कार्रवाई के लिए जांच प्रक्रिया जारी रखी।
जांच रिपोर्ट में खुला दवाओं का राज
राजकीय प्रयोगशाला से प्राप्त जांच रिपोर्ट में तीनों सैंपलों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल सामने आए। जांच में एक सैंपल को नकली घोषित किया गया, जबकि दो अन्य सैंपल निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे और अधोमानक पाए गए। औषधि विभाग के लिए यह रिपोर्ट महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि बिना लाइसेंस दवाओं की बिक्री के साथ ही नकली और अधोमानक दवाओं की बरामदगी का मामला भी सामने आया है।
17 सितंबर को न्यायालय में दाखिल किया परिवाद
राजकीय प्रयोगशाला की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद औषधि विभाग ने मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। औषधि निरीक्षक लवकुश प्रसाद ने ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत केस की पत्रावली तैयार कर 17 सितंबर को संबंधित न्यायालय में परिवाद दाखिल कर दिया। अब मामले में आगे की कार्रवाई न्यायालय के स्तर से होगी।
बिना लाइसेंस दवा बिक्री पर सख्ती
औषधि विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना वैध लाइसेंस के मेडिकल स्टोर संचालित करने और दवाओं की गुणवत्ता से समझौता करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। विभाग की इस कार्रवाई के बाद बिना लाइसेंस दवा बिक्री करने वालों में भी हड़कंप मचा हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि दवाओं की बिक्री से जुड़े मामलों में नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा और अनियमितता मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
