बदायूं संवाददाता।
ग्लोबल हैंडवाशिंग डे (वैश्विक हाथ धुलाई दिवस) के अवसर पर बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान में ‘डायरिया से डर नहीं’ कार्यक्रम के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों और विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। पॉपुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल इंडिया (पीएसआई इंडिया) और केनव्यू (KENVUE) के सहयोग से आयोजित इन कार्यक्रमों में बच्चों को हाथों की स्वच्छता का महत्व समझाया गया। साथ ही नियमित रूप से साबुन से हाथ धोने की आदत अपनाकर डायरिया समेत कई बीमारियों से बचाव के तरीके बताए गए।
विकासखंड जगत के आंगनबाड़ी केंद्र लोची नगला, प्राथमिक विद्यालय नगला सरकी, प्राथमिक विद्यालय करमेकल गंज और आंगनबाड़ी केंद्र करमेकल गंज में विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। कार्यक्रम में बताया गया कि बचपन से ही स्वच्छता की आदत विकसित करने से बच्चे इसे अपनी दिनचर्या में शामिल कर सकते हैं। इस उद्देश्य से स्कूली बच्चों को हाथों की सफाई के प्रति जागरूक करने पर विशेष जोर दिया गया।
दूषित हाथों से फैल सकते हैं कई संक्रमण
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि दिनभर में हाथ कई तरह की वस्तुओं, सतहों और लोगों के संपर्क में आते हैं। इस कारण हाथों पर कीटाणु, बैक्टीरिया और वायरस पहुंच सकते हैं, जो सीधे संपर्क या दूषित सतहों और खाद्य पदार्थों के माध्यम से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक फैल सकते हैं। हाथों की नियमित सफाई से संक्रमण के खतरे को कम किया जा सकता है।
बच्चों को हाथ धोने का सही तरीका भी समझाया गया। उन्हें बताया गया कि सबसे पहले हाथों को साफ पानी से गीला करें और साबुन लगाएं। इसके बाद दोनों हथेलियों, हाथों के पिछले हिस्से, उंगलियों के बीच, अंगूठों, नाखूनों के नीचे और कलाइयों को अच्छी तरह रगड़ें। कम से कम 20 सेकंड तक साबुन से हाथ साफ करने के बाद स्वच्छ पानी से धोएं और साफ तौलिये या हवा की मदद से सुखाएं।
इन मौकों पर हाथ धोना जरूरी
कार्यक्रम में बच्चों को बताया गया कि भोजन करने से पहले, शौचालय का उपयोग करने के बाद और हाथ गंदे होने पर साबुन से अच्छी तरह हाथ धोना जरूरी है। नियमित रूप से हाथ धोने की आदत अपनाकर डायरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों के खतरे को कम किया जा सकता है। बच्चों से अपील की गई कि वे स्वयं स्वच्छता का ध्यान रखें और अपने परिवार के सदस्यों को भी इसके प्रति जागरूक करें।
शिक्षकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने किया सहयोग
आंगनबाड़ी केंद्र लोची नगला में राजेश्वरी राठौर, संतोष कुमारी और अनीता ने सहभागिता की। प्राथमिक विद्यालय नगला सरकी में शिक्षिकाओं आरती, प्रियंका और प्रतिमा ने बच्चों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया।
प्राथमिक विद्यालय करमेकल गंज में प्रधानाध्यापक मोहम्मद वसीम खान तथा शिक्षिकाओं फरजाना और अनवर जहां ने कार्यक्रम में सहयोग किया। वहीं, आंगनबाड़ी केंद्र करमेकल गंज में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पिंकी और जाकिरा तथा एजुकेटर रुबीना असलम ने जागरूकता गतिविधियों में भाग लिया।
पीएसआई इंडिया की ओर से शशांक दुबे और दानिश ने बच्चों को हाथों की स्वच्छता, साबुन से नियमित हाथ धोने की आदत और डायरिया की रोकथाम के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा।

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