नया बदायूं बरेली, संवाददाता।
प्रशासन की ओर से देश भर में जनगणना का कार्य शुरू किया गया है। देश की पहली डिजिटल जनगणना बरेली नगर निगम के लिए मुसीबत बन गई है। निगम ने करीब 2800 सफाई कर्मचारियों और चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को जनगणना के काम में तैनात कर दिया। जिनको एप पर काम करने का आदेश दिया है। इसके बाद सफाई कर्मचारियों एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों में आक्रोश फूट गया है। एकत्र हुए सफाई कर्मी एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने नगर निगम में जमकर हंगामा किया है और विरोध प्रदर्शन किया है।
बुधवार को बरेली में नगर निगम पर सफाई कर्मचारियों व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने हल्ला बोल कर दिया। प्रशासन के इस आदेश के खिलाफ सैकड़ों कर्मचारियों ने नगर निगम दफ्तर पर धावा बोल दिया। गुस्साए कर्मियों ने जोरदार प्रदर्शन किया और ऐप बेस्ड ड्यूटी करने से साफ इंकार कर दिया। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने कहा कि ज्यादातर साथी या तो अनपढ़ हैं या कक्षा 8 तक ही पढ़े हैं। स्मार्टफोन चलाना उनके लिए मुश्किल है। ऐसे में जनगणना के मोबाइल ऐप में दिन-रात जानकारी भरना संभव नहीं है। कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि जबरन ड्यूटी थोपने से डेटा में गड़बड़ी होगी और इसका ठीकरा नगर निगम पर फूटेगा। उनकी मांग है कि इस तकनीकी काम के लिए सिर्फ शिक्षित स्टाफ को चुना जाए।
अधिकारी की सुनिए:::::
बरेली नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने कर्मचारियों के विरोध को लेकर कहा कि सफाई दी कि दूसरे विभागों में भी कर्मचारियों की भारी कमी है। राष्ट्रीय स्तर के इस काम को तय समय में निपटाने के लिए सफाई और टैक्स विभाग के लोगों को लगाना पड़ा। उन्होंने आश्वस्त किया कि पेयजल और सफाई जैसी जरूरी सेवाओं पर असर नहीं पड़ने देंगे। ज्यादातर कर्मियों को फिलहाल रिजर्व कैटेगरी में रखा गया है। जरूरत पड़ने पर ही फील्ड ड्यूटी दी जाएगी, वरना वे सफाई के मूल काम में ही लगे रहेंगे।
