नया बदायूं, संवाददाता।
गंगा एक्सप्रेस-वे के डहरपुर इंटरचेंज के निकट प्रस्तावित औद्योगिक गलियारे के लिए भूमि अधिग्रहण के विरोध में किसानों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। शनिवार को कैलिहाई गांव में आयोजित ग्राम चौपाल में पांच गांवों के किसानों ने एकजुट होकर स्पष्ट घोषणा की कि वे किसी भी कीमत पर अपनी कृषि भूमि नहीं देंगे। किसानों ने दो टूक कहा, “जान दे देंगे, लेकिन जमीन नहीं देंगे।”
शनिवार को किसानों का कहना है कि डीएम की ओर से औद्योगिक गलियारे के लिए भूमि सर्वे रिपोर्ट अखबार में प्रकाशित कराए जाने के बाद क्षेत्र के किसानों में भारी आक्रोश है। उनका आरोप है कि बिना किसानों की सहमति के भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। ग्राम चौपाल में मौजूद किसानों ने कहा कि वे अपनी जमीन का बैनामा नहीं करेंगे। यदि सरकार जबरन भूमि अधिग्रहण का प्रयास करती है तो उसका लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा। चौपाल में सभी किसानों ने एक स्वर में अपनी कृषि भूमि न देने का संकल्प दोहराया। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजीत यादव भी ग्राम चौपाल में पहुंचे और किसानों के समर्थन में खड़े होने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि चार फसली उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण किसानों के भविष्य पर सीधा हमला है। यदि सरकार को उद्योग स्थापित करने हैं तो हजारों बीघा खाली पड़ी बंजर और परती भूमि का उपयोग किया जाना चाहिए, न कि उपजाऊ खेतों का। अजीत यादव ने आरोप लगाया कि 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून के तहत भूमि अधिग्रहण से पहले सामाजिक प्रभाव का आकलन (सोशल इम्पैक्ट असेसमेंट) और अधिकांश प्रभावित किसानों की सहमति आवश्यक है। उनका कहना है कि यूपीडा ने बिना सामाजिक प्रभाव का आकलन कराए ही भूमि का सर्वे करा लिया और अब अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसानों की जमीन का जबरन अधिग्रहण नहीं होने देगी और पार्टी अंतिम दम तक किसानों के साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की सहमति के बिना उनकी कृषि भूमि अधिग्रहित कर औद्योगिक उपयोग के लिए देना चाहती है, जिसका विरोध जारी रहेगा। भूमि अधिग्रहण के विरोध में गठित भूमि बचाओ संघर्ष समिति ने आंदोलन को और तेज करने की रणनीति बनाई है। समिति के अनुसार, 5 जुलाई को डोलापुर गांव में ग्राम चौपाल आयोजित की जाएगी, जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा होगी।
उल्लेखनीय है कि गंगा एक्सप्रेस-वे के डहरपुर इंटरचेंज के आसपास प्रस्तावित औद्योगिक गलियारे के लिए करीब 3,800 बीघा से अधिक भूमि चिह्नित की गई है। किसानों का आरोप है कि उनकी सहमति के बिना भूमि अधिग्रहण की तैयारी की जा रही है, जिसका वे लगातार विरोध कर रहे हैं।
ग्राम चौपाल में ओमवीर दद्दा, सुरेंद्र सिंह, श्रीश शर्मा, डब्लू गुप्ता, आलोक शर्मा, विजय बहादुर, ओमप्रकाश, भोलानाथ, धर्मेंद्र कुमार, प्रदीप सिंह, संजय सिंह, तेजपाल, रामदुलार सहित बड़ी संख्या में किसान एवं कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
