नया बदायूं संवाददाता। समाजवादी पार्टी के नगर अध्यक्ष फरहत अली ने प्रदेश सरकार द्वारा यूपी बोर्ड परीक्षाओं को सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 2024 के दायरे में लाने के फैसले की तीखी आलोचना की है। उन्होंने इसे छात्र विरोधी बताते हुए कहा कि यह कदम विद्यार्थियों में डर और मानसिक तनाव पैदा करने वाला है। उन्होंने माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी के उस बयान पर आपत्ति जताई, जिसमें नकल करने पर आजीवन कारावास और एक करोड़ रुपये के जुर्माने की बात कही गई है। फरहत अली ने कहा कि जहां एक ओर प्रधानमंत्री मन की बात में छात्रों को तनाव मुक्त रहने की सलाह देते हैं, वहीं दूसरी ओर ऐसे कठोर कानून उन्हें अपराधियों की श्रेणी में खड़ा कर रहे हैं। उन्होंने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि पेपर लीक और सामूहिक नकल रोकने में विफल रही सरकार अब अपनी कमियों को छिपाने के लिए छात्रों और शिक्षण संस्थानों का उत्पीड़न कर रही है।

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