नया बदायूं, संवाददाता।
पीएचएफआई द्वारा उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण सोसाइटी, लखनऊ के अंतर्गत मंगलवार को एनएचएम सभागार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में एक दिवसीय राष्ट्रीय एड्स एवं एसटीडी नियंत्रण कार्यक्रम कार्यशाला आयोजित की गई।कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विकास शर्मा, डिप्टी एसीएमओ डॉ. मोहन झा, जिला क्षय रोग अधिकारी एवं नोडल अधिकारी जिला एड्स समन्वय समिति डॉ. विनेश कुमार तथा जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. मोहम्मद असलम के स्वागत के साथ हुआ। कार्यक्रम में एमओ/एसएमओ सहित कुल 46 लोगों ने प्रतिभाग किया। कार्यशाला में विशेषज्ञों ने एचआईवी संक्रमण के प्रमुख कारणों, बचाव के उपायों और एचआईवी एक्ट-2017 के बारे में जानकारी दी। प्रतिभागियों को I-SCAN के माध्यम से सेल्फ रिस्क असेसमेंट करने और अपने जोखिम की जानकारी प्राप्त करने के लिए जागरूक किया गया। एचआईवी संक्रमित गर्भवती महिलाओं के प्रसव के दौरान चिकित्सकीय निगरानी की आवश्यकता पर भी जानकारी दी गई। साथ ही एसटीडी से बचाव और सही जानकारी के महत्व को समझाया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि एचआईवी से संक्रमित मरीजों में टीबी होने का खतरा अधिक रहता है, इसलिए एचआईवी संक्रमित सभी मरीजों की टीबी जांच कराना आवश्यक है। कार्यशाला का संचालन पीएचएफआई सीवीई दीपक तिवारी, मास्टर ट्रेनर डॉ. मनीष शर्मा, पीएचएफआई सीवीओ अवंतिका और दिशा क्लस्टर बरेली की हिना अयाज ने किया। आकाश सक्सेना, आदर्श और साहिल सहित अन्य सहयोगियों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान दिया।
