नया बदायूं

भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर राग-रागिनियों से सजा गढ़ा आश्रम, शास्त्रीय गायन ने मोहा श्रद्धालुओं का मन

नया बदायूं, संवाददाता दातागंज।

राधाकृष्ण मंदिर गढ़ा आश्रम में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव के अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम में शास्त्रीय संगीत की मनमोहक प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को देर रात तक भक्ति के रंग में सराबोर रखा। कार्यक्रम में गायक दिनेश कुमार ने राग-रागिनियों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का गायन कर उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत राग यमन में ‘आज श्याम की बाजे रे मुरलिया’ की बंदिश से हुई। इसके बाद आलाप, तान और तराना की प्रस्तुति ने वातावरण को संगीतमय बना दिया। उपशास्त्रीय संगीत के अंतर्गत ठुमरी, सावन की कजरी और दादरा सहित विभिन्न विधाओं की प्रस्तुतियां दी गईं। शास्त्रीय गायन की प्रस्तुतियों को सुनकर क्षेत्र के संगीत रसिक विशेष रूप से आनंदित नजर आए। कई लोगों ने कहा कि आश्रम में पहली बार इस स्तर का पक्का शास्त्रीय गायन सुनने का अवसर मिला।
कार्यक्रम के दौरान राधा-कृष्ण के भजनों की एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां भी हुईं। भक्ति संगीत के माध्यम से श्रोताओं ने आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति की और पूरा परिसर राधे-कृष्ण के जयकारों से गूंज उठा।
रात्रि 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का कार्यक्रम विधि-विधान और मंत्रोच्चारण के साथ संपन्न हुआ। महंत राधारमदास महाराज के सानिध्य में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का वर्णन भजन-कीर्तन के माध्यम से किया गया। जन्म के समय मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाकर उत्सव की खुशी मनाई।
संगीत कार्यक्रम में तबले पर वृंदावन से आए बंशीधर महाराज ने संगत की, जबकि हारमोनियम पर आश्रम के महंत राधारमण महाराज ने साथ दिया। दोनों की संगत के साथ गायक दिनेश कुमार की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया। देर रात तक चले इस संगीत एवं भक्ति कार्यक्रम में श्रद्धालु और संगीत प्रेमी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में गायक कुमार अवनीश्वर, शाहजहांपुर से मिथुन वर्मा, अवधेश, राजू, बरेली से गोपाल सहित बड़ी संख्या में संगीत रसिक और क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। जन्माष्टमी महोत्सव का समापन भजन-कीर्तन और भगवान श्रीकृष्ण के जयघोष के साथ हुआ।

Exit mobile version