नया बदायूं। ब्योरो
जनपद बदायूं में सर्दी ने अपना प्रकोप बढ़ा दिया है उसके साथ-साथ जानलेवा बीमारियां भी दस्तक दे चुकी हैं। निमोनिया ने बच्चों और बुजुर्गों को घेरना शुरू कर दिया है। निमोनिया ग्रस्त होने के बाद नवजात बच्चे की मौत हो गई है। जिससे परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिवार ने झोलाछाप से इलाज कराया और गंभीर हालत होने पर जिला अस्पताल लेकर चला तो जिला अस्पताल ले जाते-जाते नवाजत की मौत हो गई। परिवार ने निमोनिया से मौत होने का दावा किया है।
पहले झोलाछाप से कराया इलाज
घटना गुरुवार रात की है। गुरुवार की रात सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र के गांव लखनपुर निवासी योगेंद्र नौ महीने के बेटे दक्ष को गंभीर हालत होने पर जिला अस्पताल लेकर पहुंचा तो वहां इमरजेंसी में तैनात डॉ. नितिन सिंह ने मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि इससे पहले योगेंद्र ने अपने बच्चे को दिन में शहर के लालपुल स्थित झोलाछाप को दिखाया था। झोलाछाप ने इलाज किया और दवा दी तो परिजन घर ले गए और गंभीर होने पर दोबारा से ले गए तो झोलाछाप ने कहीं और ले जाने को कहा। जिसके बाद जिला पुरुष अस्पताल ले गए तो मृत घोषित कर दिया। इससे पहले कई दिन से बच्चा बीमार चल रहा था। झोलाछाप से गांव में इलाज लिया फिर शहर में आकर भी झोलाछाप से ही इलाज लिया। परिजनों के मुताबिक बच्चे के निमोनिया हो गया था, निमोनिया का ही इलाज चल रहा था। परिवार के सदस्यों ने निमोनिया से मौत का दावा किया है। इलाज व परिजनों ने बताई हिस्ट्री के अनुसार निमोनिया से मौत होना डाक्टर ने भी कहा है।
अधिकारी की सुनिए::::
जिला पुरुष अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अमित वार्ष्णेय का कहना है कि इमरजेंसी में बच्चा आया था लेकिन जब तक यहां आया तो उसकी मौत हो चुकी थी इसलिए बच्चे की जांच नहीं हो सकी। इसलिए स्पष्ट तौर पर निमोनिया से मौत होना नहीं कह सकते हैं। लक्ष्ण के आधार पर संदिग्धता जाहिर की जा सकती है।
इमरजेंसी आफीसर की सुनिए:::
जिला पुरुष अस्पताल के इमरजेंसी ऑफीसर डॉ. नितिन सिंह का कहना है कि परिजन बच्चे को जब लेकर आये थे तब तक बच्चे की मौत हो चुकी थी। बच्चा यहां मृत था इसलिए परिजनों को बता दिया की बच्चे की मृत्यु हो चुकी है। जिस तरह से परिजनों ने उपचार और बच्चे की बीमारी की हिस्ट्री बताई है उस लग रहा है निमोनिया से मौत हुई है।
