नया बदायूं

खाद्य पदार्थों में कीटनाशक रसायन के चलते पुनः तय हो नए मानक: नवनीत गुप्ता

नया बदायूं, संवाददाता।
उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश के प्रांतीय आह्वान पर जिलाध्यक्ष नवनीत गुप्ता शोंटू के नेतृत्व में फ़ूड एक्ट में आ रही खामियों को दूर करने के लिए पदाधिकारियों के प्रतिनिधि मंडल ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री के नाम संबोधित 12 सूत्रीय मांगपत्र जिला अभिहीत अधिकारी सीएल यादव सहायक आयुक्त ग्रेट 2 को सौंपा गया। जिसमें कार्रवाई व समाधान की मांग की।

गुरुवार को प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्ष नवनीत गुप्ता शोंटू ने बताया कि फूड एक्ट के मानकों से व्यापारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा। जिसके चलते पूरे प्रदेश में संगठन के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम संबोधित 12 सूत्रीय मांगपत्र प्रेषित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम प्रदेश में कहीं भी सैंपल भरे जाते समय फॉर्म-5 क नहीं भेजा जाता निर्माता को पार्टी बनाए जाने की दशा में फार्म 5 क निर्माता के पते पर पंजीकृत डाक द्वारा त्वरित भेजा जाए, साथ ही रिटेलर या होलसेलर द्वारा बिल प्रस्तुत करने पर ही निर्माता को सैंपल भरते समय पार्टी बनाया जाए।

14 दिन में मिले रिपोर्ट
प्रांतीय युवा वरिष्ठ उपाध्यक्ष अवधेश लड्डा ने यह भी बताया सैंपल की जांच रिपोर्ट महीनों में प्राप्त होती है, जबकि खाद्य सुरक्षा में मानक अधिनियम मैं जांच कर 14 दिन में सैंपल की रिपोर्ट भेजे जाने का प्रावधान किया गया है अतः सभी राजकीय जन विश्लेषण प्रयोगशाला द्वारा नमूना प्राप्त होने के बाद 14 दिन के अंदर जांच रिपोर्ट भेजने की व्यवस्था कराई जाने के आदेश पारित किए जाए। जिला महामंत्री हाजी राशिद सैफी ने बताया केंद्रीय प्रयोगशाला द्वारा पुनः जांच के लिए भेजे जा रहे पत्र जहां से रिपोर्ट प्राप्त होने के महीना बाद भेजे जा रहे हैं। जिससे जांच किए जाने वाले खाद्य पदार्थ की एक्सपायरी डेट निकल जाती है।

सैंपलिंग में व्यापारियों का शोषण
जिला उपाध्यक्ष रूपेंद्र सिंह लाम्बा ने बताया कि सैंपल भरे जाने के बाद राजकीय जन विश्लेषण प्रयोगशाला से शीघ्र रिपोर्ट प्राप्त कर नमूना फेल आने की दशा में पुनः जांच के लिए धारा 46 (4)का का पत्र तुरन्त जारी करने के आदेश दिए जाए। जिला चेयरमैन चंद्रसेन माहेश्वरी ने बताया कि राजकीय जन विश्लेषण प्रयोगशालाओं द्वारा नमूने में कोई भी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक वस्तु प्राप्त न होने के बाद भी नमूनों को मनमर्जी तरीके से असुरक्षित घोषित किया जा रहा है मनको में कमी पाई जाने पर नमूने को अधोमानक घोषित किया जाए। नमूने में मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक वस्तु पाए जाने पर नमूने को असुरक्षित घोषित किया जाये।

 

नगर अध्यक्ष राजेश गुप्ता भल्लु ने बताया कि तुरंत न्याय के लिए खाद सुरक्षा व मानक अधिनियम की धारा 69 के अंतर्गत मामूली वादों के लिए शमन की व्यवस्था लागू की जाय। नगर चेयरमैन दिनेश गुप्ता ने कहा कि सभी निर्माताओं द्वारा प्रत्येक 6 माह में खाद्य पदार्थ की जांच सरकार द्वारा निर्धारित एन ए बि एल लैब द्वारा कराकर पोर्टल पर अपलोड की जाती है निर्माता के सील बंद पैकिंग के लिए की जारी छापेमारी कार्रवाई बंद की जाने की निर्देश जारी करने की कृपा करें। जिला कोषाध्यक्ष अमित वैश्य नमूने भरे जाने के बाद प्राइवेट लैब से जांच कर कर निर्माता के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है जो बिल्कुल गलत है प्राइवेट लैब से जांच कर कर निर्माता के खिलाफ की गई कार्रवाई को समाप्त किया जाए। जिला उपाध्यक्ष मृगांक जैन ने नगर खेतों में रासायनिक खाद में कीटनाशक डालने की मानक तय नहीं है अंधाधुंध रासायनिक खाद व कीटनाशकों का प्रयोग रोकने का कोई साधन नहीं है इसलिए खाद पदार्थों के मानक नए सिरे से तय किये जाएं।

यह रहे व्यापारी शामिल
मांगपत्र प्रेषित करने वाले प्रतिनिधि मंडल में नवनीत गुप्ता शोंटू,अवधेश लड्डा, रूपेंद्र सिंह लाम्बा,चंद्रसेन माहेश्वरी,नरेश शंखधार ,दिनेश गुप्ता हाजी राशिद सैफी, जावेद खान, अमित वैश्य, सर्वत हमीद खान, राजेश गुप्ता भल्लु,राहुल सोलंकी, मृगांक जैन टीटू, राजेश सिंह,संजय रस्तोगी,संजय शर्मा, सर्वेश गुप्ता, सौरभ गुप्ता, कुलदीप वैश्य,सुरेन्द्र नानक, संजीव आहूजा ,दीपक सक्सेना शामिल रहे।

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