नया बदायूं, संवाददाता।
नगर पालिका में कल का दिन कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए ऐतिहासिक बन गया। वर्षों से लंबित डीए, पीएफ, सेवानिवृत्ति लाभ एवं अन्य देयों का इंतजार कर रहे कर्मचारियों और पेंशनरों के चेहरों पर उस समय खुशी की लहर दौड़ गई, जब नगर पालिका परिसर में आयोजित भव्य समारोह में पालिकाध्यक्ष फात्मा रज़ा ने मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री आबिद रज़ा की मौजूदगी में कुल 4 करोड़ 40 लाख 47 हजार 621 रुपये की बकाया धनराशि का वितरण किया। करोड़ों रुपये का भुगतान होते ही पूरे परिसर में उत्सव जैसा माहौल बन गया और कर्मचारियों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ दोनों नेताओं का स्वागत कर आभार व्यक्त किया।
नगर पालिका द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य वर्षों से लंबित वित्तीय देनदारियों का निस्तारण कर कर्मचारियों एवं पेंशनरों को आर्थिक राहत प्रदान करना था। बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त कर्मचारी, उनके आश्रित, पेंशनर, नियमित कर्मचारी, सफाई कर्मचारी, अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि कार्यक्रम में मौजूद रहे। भुगतान प्राप्त करने वाले कर्मचारियों ने इसे अपने जीवन का सबसे यादगार दिन बताते हुए कहा कि लंबे समय से अटकी धनराशि मिलने से अब परिवार की आर्थिक परेशानियां काफी हद तक दूर होंगी।
पालिका के 785 कर्मचारियों को हुआ भुगतान
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न मदों में कुल 785 कर्मचारियों एवं पेंशनरों को भुगतान किया गया। वर्ष 2023 के सेवानिवृत्त कर्मचारियों एवं उनके आश्रितों को सेवानिवृत्ति लाभ के रूप में करोड़ों रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई। वहीं पेंशनरों को महंगाई भत्ते (डीए) का भुगतान, नियमित कर्मचारियों को डीए की राशि तथा सामान्य एवं सफाई कर्मचारियों को लंबे समय से लंबित भविष्य निधि (पीएफ) का भुगतान भी किया गया। नगर पालिका प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सभी भुगतान नियमानुसार और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत किए गए हैं।
कर्मचारियों की वर्षों पुरानी समस्या का निस्तारण
पूर्व मंत्री आबिद रज़ा ने कहा कि किसी भी संस्था की सबसे बड़ी ताकत उसके कर्मचारी होते हैं। यदि कर्मचारियों को समय पर उनका अधिकार और सम्मान मिले तो संस्था भी तेजी से आगे बढ़ती है। वर्षों से लंबित भुगतान कर्मचारियों के लिए आर्थिक और मानसिक परेशानी का कारण बना हुआ था। नगर पालिका द्वारा आज किया गया यह भुगतान केवल धनराशि का वितरण नहीं, बल्कि कर्मचारियों के सम्मान और उनके अधिकारों की पुनर्स्थापना है। हमारी प्राथमिकता हमेशा जनहित और कर्मचारी हित रही है तथा आगे भी कर्मचारियों के हर वैध अधिकार की रक्षा के लिए पूरा प्रयास किया जाएगा।
कर्मचारियों को उनकी मेहनत का फल मिलना चाहिए
पालिकाध्यक्ष फात्मा रज़ा ने कहा कि नगर पालिका के विकास में कर्मचारियों की मेहनत और ईमानदारी सबसे बड़ी पूंजी है। ऐसे में उनका बकाया वर्षों तक लंबित रहना उचित नहीं था। हमने संकल्प लिया था कि कर्मचारियों के अधिकारों से कोई समझौता नहीं होगा और उसी संकल्प के तहत आज करोड़ों रुपये का भुगतान किया गया है। भविष्य में भी यदि किसी कर्मचारी का वैध भुगतान लंबित पाया जाएगा तो उसका शीघ्र निस्तारण कराया जाएगा। नगर पालिका कर्मचारियों के सम्मान, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करती रहेगी।
नगर पालिका ने यह किया भुगतान
कार्यक्रम में बताया गया कि वर्ष 2023 के सेवानिवृत्त कर्मचारियों एवं उनके आश्रितों को 1 करोड़ 15 लाख 34 हजार 668 रुपये तथा दूसरे समूह के कर्मचारियों एवं आश्रितों को 2 करोड़ 25 लाख 22 हजार 419 रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई। इसके अलावा 185 पेंशनरों को डीए के रूप में 11 लाख 80 हजार 325 रुपये, 39 कर्मचारियों को डीए मद में 94 हजार 772 रुपये, 357 नियमित कर्मचारियों को डीए के रूप में 47 लाख 72 हजार 936 रुपये तथा 111 सामान्य एवं सफाई कर्मचारियों को लंबे समय से लंबित पीएफ की 39 लाख 42 हजार 501 रुपये की राशि का भुगतान किया गया।
भुगतान प्राप्त करने वाले कई सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने कहा कि लंबे समय से बकाया राशि न मिलने के कारण उन्हें इलाज, बच्चों की शिक्षा और घरेलू जरूरतों के लिए आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा था। अब यह राशि मिलने से उन्हें बड़ी राहत मिली है। वहीं सफाई कर्मचारियों ने कहा कि लंबे समय से अटकी पीएफ राशि मिलने से उनका भविष्य अधिक सुरक्षित होगा और नगर पालिका द्वारा कर्मचारियों के हित में उठाया गया यह कदम सराहनीय है।
पूर्व मंत्री का किया स्वागत सम्मान
समारोह के दौरान उत्तर प्रदेशीय सफाई कर्मचारी मजदूर संघ के नगर अध्यक्ष रमेश डी लाल, अरुण कुमार, अरुण दुलारे, राजू बाल्मीकि सहित अन्य पदाधिकारियों ने पूर्व मंत्री आबिद रज़ा को पगड़ी एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। वहीं स्वायत्त शासन कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष सचिन सक्सेना ने पूर्व मंत्री आबिद रज़ा और पालिकाध्यक्ष फात्मा रज़ा को स्मृति चिन्ह एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान नगर पालिका परिसर में उत्सव जैसा माहौल बना रहा। कर्मचारियों और पेंशनरों के चेहरों पर वर्षों बाद मिली राहत की मुस्कान साफ दिखाई दी। करोड़ों रुपये के इस ऐतिहासिक भुगतान को नगर पालिका बदायूं की कर्मचारी हितैषी पहल माना जा रहा है, जिससे कर्मचारियों का मनोबल बढ़ने के साथ-साथ प्रशासन और कर्मचारियों के बीच विश्वास भी और मजबूत हुआ है।
