नया बदायूं, संवाददाता।
विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर राजकीय मेडिकल कॉलेज, बदायूं के वायरल हेपेटाइटिस ट्रीटमेंट सेंटर द्वारा व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन, मरीजों, तीमारदारों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को वायरल हेपेटाइटिस बी और सी के प्रति जागरूक करना रहा।
प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) शिव कुमार के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम का संचालन मेडिसिन विभाग के प्रभारी अधिकारी डॉ. अमित कुमार एवं नोडल अधिकारी डॉ. नितेश पति तिवारी के मार्गदर्शन में किया गया, जबकि सीनियर रेजिडेंट डॉ. गरिमा चौधरी ने कार्यक्रम समन्वयक की भूमिका निभाई।
पोस्टर प्रतियोगिता से दिया संदेश
कार्यक्रम की शुरुआत ओपीडी परिसर में एमबीबीएस बैच 2023 एवं 2025 के छात्रों द्वारा प्रस्तुत प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक से हुई। नाटक के माध्यम से मरीजों एवं उनके परिजनों को हेपेटाइटिस बी और सी के लक्षण, संक्रमण के कारण, बचाव के उपाय तथा समय पर निःशुल्क जांच और उपचार के महत्व की जानकारी दी गई।
इसके साथ ही एमबीबीएस बैच 2022 के छात्रों द्वारा आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता में सुरक्षित जीवनशैली, समय पर जांच और हेपेटाइटिस से बचाव के संदेश आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किए गए।
प्रोफेसर ने पढ़ाया पाठ
नेशनल वायरल हेपेटाइटिस कंट्रोल प्रोग्राम (NVHCP) के अंतर्गत संस्थान के लेक्चर थिएटर-3 में संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें विशेषज्ञों ने हेपेटाइटिस बी एवं सी से जुड़े विभिन्न विषयों पर व्याख्यान दिए। प्रो. डॉ. अर्शिया मसूद (सामुदायिक चिकित्सा विभाग) ने रोग के प्रसार, रोकथाम और बचाव पर प्रकाश डाला, जबकि प्रो. डॉ. ईशा सिंघल (माइक्रोबायोलॉजी विभाग) ने रोग की संरचना, संक्रमण और निदान प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। डॉ. गरिमा चौधरी ने रोग की पहचान, आधुनिक उपचार और समय पर इलाज के महत्व को रेखांकित किया।
सावधानी जरूर बरतें
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप-प्रधानाचार्य डॉ. नेहा सिंह ने कहा कि हेपेटाइटिस बी एवं सी गंभीर लेकिन नियंत्रित की जा सकने वाली बीमारियां हैं। उन्होंने सुरक्षित जीवनशैली अपनाने, संक्रमित रक्त और असुरक्षित इंजेक्शन से बचने तथा नियमित जांच कराने की अपील की। उन्होंने यह भी बताया कि राजकीय मेडिकल कॉलेज, बदायूं को जनपद स्तर पर हेपेटाइटिस बी एवं सी के उपचार केंद्र के रूप में नामित किया गया है।
यह रहे मौजूद
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विपिन कुमार सहित डॉ. रितुज अग्रवाल, डॉ. मुकत्याज हुसैन, प्रो. (डॉ.) सीमा सरन, डॉ. मनीष कुमार, डॉ. वशिष्ठ मिश्रा, डॉ. अमृता बाजपेयी, डॉ. सुचेता यादव, डॉ. श्रवण कुमार भार्गव, डॉ. लालेन्द्र यादव, डॉ. रश्मि सिंह, डॉ. शिवम कामठान, डॉ. निशांत सिंह, डॉ. पुनीत कुमार, डॉ. राजेश कुमार शाक्य, डॉ. निगार, डॉ. मिदत अली खान, डॉ. पवित, डॉ. अब्दुल रहमान सहित बड़ी संख्या में चिकित्सा शिक्षक, रेजिडेंट डॉक्टर, एमबीबीएस एवं नर्सिंग छात्र-छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता की।
जनता से अपील
मेडिसिन विभाग के प्रभारी अधिकारी डॉ. अमित कुमार ने कहा कि वायरल हेपेटाइटिस के उन्मूलन के लिए जनजागरूकता, समय पर जांच और उपचार सबसे प्रभावी उपाय हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी प्रकार के लक्षण या जोखिम की स्थिति में सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध निःशुल्क जांच एवं उपचार सेवाओं का लाभ उठाएं और दूसरों को भी जागरूक करें।
