• Login
No Result
View All Result
  • Home
    • Home – Layout 1
    • Home – Layout 2
    • Home – Layout 3
    • Home – Layout 4
    • Home – Layout 5
  • अपराध
  • उत्तर प्रदेश
  • Home
    • Home – Layout 1
    • Home – Layout 2
    • Home – Layout 3
    • Home – Layout 4
    • Home – Layout 5
  • अपराध
  • उत्तर प्रदेश
No Result
View All Result
No Result
View All Result

छात्र हितों को लेकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन, पेपर लीक के खिलाफ उठी आवाज

Naya Badaun by Naya Badaun
July 20, 2026
छात्र हितों को लेकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन, पेपर लीक के खिलाफ उठी आवाज
ShareShareShare

नया बदायूं, संवाददाता बिसौली।

जनहित सत्याग्रह मोर्चा, क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन एवं उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन निविदा/संविदा कर्मचारी संघ के संयुक्त प्रतिनिधि मंडल ने सोमवार को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। एसडीएम के क्षेत्र में अनुपस्थिति के चलते यह ज्ञापन नायब तहसीलदार अनंगराज सिंह को दिया गया।

ज्ञापन सौंपते समय हर्षवर्धन ने कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक से छात्रों का भविष्य गंभीर संकट में है। उन्होंने बताया कि आज के समय में स्थाई नौकरियां बेहद सीमित हो गई हैं और अधिकांश कार्य ठेके पर कराए जा रहे हैं। बची हुई नौकरियों में भी प्रतिस्पर्धा अत्यधिक है, जिसके लिए छात्र दिन-रात मेहनत करते हैं। लेकिन पेपर लीक, भर्ती में देरी, परीक्षाओं का टलना और रिजल्ट में देरी जैसी समस्याएं छात्रों के सपनों को तोड़ रही हैं।
वक्ताओं ने कहा कि लंबे समय से छात्र-नौजवान महंगी शिक्षा, निजीकरण, ठेकाकरण और रिक्त पदों को न भरने जैसी समस्याओं से जूझ रहे थे, लेकिन बार-बार पेपर लीक होने से उनका आक्रोश अब सड़कों पर दिखाई दे रहा है। आंदोलन की प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की बताई गई।
उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक जैसी घटनाओं ने छात्रों के भीतर पनप रहे आक्रोश को और बढ़ा दिया है। सरकार इन अनियमितताओं की जिम्मेदारी लेने से बच रही है, जो छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
ज्ञापन में यह भी बताया गया कि देश के प्रसिद्ध पर्यावरणविद् एवं सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक सहित कई छात्र नेता जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठे हैं, लेकिन 20 दिन बीतने के बाद भी सरकार का कोई प्रतिनिधि उनसे वार्ता के लिए नहीं पहुंचा। आरोप लगाया गया कि 17 जुलाई 2026 की रात दिल्ली पुलिस द्वारा सिविल ड्रेस में सोनम वांगचुक को जबरन धरना स्थल से उठाया गया और अन्य कार्यकर्ताओं के साथ दुर्व्यवहार किया गया।
आंदोलनकारियों ने 20 जुलाई को संसद मार्च का आह्वान किया था, जिसके लिए देशभर से छात्र जंतर-मंतर पहुंचे। लेकिन प्रशासन द्वारा बैरिकेडिंग कर शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोकने का प्रयास किया गया, जिसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया गया।
अंत में वक्ताओं ने छात्रों और नौजवानों से इस आंदोलन के समर्थन की अपील की। ज्ञापन देने वालों में इंजीनियर हर्षवर्धन, देवेंद्र सिंह, कुंवरपाल, गौरव कुमार, इमरान खान, अनिल कुमार यादव, ओम शंकर प्रजापति, सत्येंद्र यादव, रूपेश कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

Previous Post

रहनुमा हॉस्पिटल में प्रसूता की मौत, परिजनों का हंगामा लापरवाही के आरोपों में जांच शुरू

Next Post

गौ माता रोटी पात्र का लोकार्पण, छात्राओं को दिया गया संस्कार और सेवा का संदेश

Discussion about this post

विज्ञापन

नया बदायूं

Follow Us

  • About
  • Shop
  • Forum
  • Contact

Copyright © 2012 - 2017, JNews - Premium WordPress news & magazine Jegtheme.

No Result
View All Result
  • Home 1
  • Home 10
  • Home 2
  • Home 3
  • Home 4
  • Home 5
  • Home 6
  • Home Business
  • Home Crypto
  • Home Food
  • Home Health
  • Home Sports
  • Home Technology
  • Home Travel
  • Our news portal is very efficient for writing news
  • Personal Blog
  • Post Grid
  • Post Grid 2
  • Post Grid 3
  • Post Grid 4
  • Vertical Grid Post
  • Vertical Post Slider
  • home
  • Our Clients
  • About Us
  • Products
  • Services
  • Contact Us

Copyright © 2012 - 2017, JNews - Premium WordPress news & magazine Jegtheme.

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
Go to mobile version