बदायूं, संवाददाता।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर रविवार को डायट परिसर में बृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विभिन्न विभागों की ओर से स्टॉल लगाकर लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई और पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। शिविर में कुल 134 लाभार्थियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष विवेक संगल ने फीता काटकर किया। इसके बाद मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित किया गया। एनसीसी विद्यार्थियों ने बैंड के माध्यम से अतिथियों का स्वागत किया। जनपद न्यायाधीश एवं अन्य अधिकारियों ने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण कर योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान लाभार्थियों को आवास और ट्रैक्टर की चाबियां भी सौंपी गईं।

शिविर में कृषि, उद्यान, पशु चिकित्सा, मत्स्य, पंचायती राज, शिक्षा, समाज कल्याण, महिला कल्याण, स्वास्थ्य, पुलिस, विद्युत, श्रम, खाद्य एवं रसद, उद्योग, खादी एवं ग्रामोद्योग, डूडा, एनआरएलएम सहित विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाए। अग्निशमन विभाग ने आग से बचाव और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने का प्रदर्शन भी किया।
कार्यक्रम के दौरान गर्भवती महिलाओं की गोद भराई और नवजात शिशुओं का अन्नप्राशन संस्कार कराया गया। अतिथियों ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। स्कूली छात्राओं ने स्वागत कार्यक्रम, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और ज्वलंत विषय पर आधारित नाटक प्रस्तुत किया, जिसकी उपस्थित लोगों ने सराहना की।
जनपद न्यायाधीश विवेक संगल ने कहा कि शासन की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत पात्र लोगों तक पहुंचना चाहिए। एक ही स्थान पर अधिक से अधिक लोगों को विभिन्न योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के प्रयास होने चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी नागरिक समान हैं और उन्हें समान अधिकार प्राप्त हैं। विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य नागरिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और न्याय तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करना है। उन्होंने शासन, प्रशासन और न्यायपालिका से समन्वय बनाकर कार्य करने का आह्वान किया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रभारी सचिव एवं सिविल जज (सीनियर डिवीजन) अंकित रस्तोगी ने बताया कि 22 फरवरी 2026 को प्रदेश के 74 जनपदों में आयोजित मेगा शिविरों के माध्यम से 24 लाख 56 हजार 857 लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिया गया था। इसी पहल को आगे बढ़ाते हुए बदायूं में शिविर आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य पात्र व्यक्तियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना और उन्हें कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक कर सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
कार्यक्रम में प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय बलजोर सिंह, अपर जिला जज प्रथम रिंकू जिंदल, मुख्य विकास अधिकारी गामिनी सिंगला, परियोजना निदेशक डीआरडीए सतेन्द्र सिंह और जिला विकास अधिकारी मनोज कुमार सहित न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी, लाभार्थी और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

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