नया बदायूं उत्तर प्रदेश ब्यूरो । माघ मेला 2026 के आगामी सबसे महत्वपूर्ण स्नान पर्वों में से एक, बसंत पंचमी की तैयारियों को लेकर मेला प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए मेलाधिकारी, अपर मेलाधिकारी एवं उप मेला अधिकारी ने संयुक्त रूप से संगम नोज सहित मेले के विभिन्न घाटों का विस्तृत निरीक्षण किया।
स्थानीय अधिकारियों ने किया व्यवस्थाओं का अवलोकन।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने घाटों की वर्तमान स्थिति, रेतीले मार्गों की सुगमता और संगम क्षेत्र में जल स्तर का बारीकी से अवलोकन किया। मेलाधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि बसंत पंचमी पर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को स्नान के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। इसके लिए घाटों के विस्तार और वहां की सुरक्षा बैरिकेडिंग को समय रहते पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने के दिए निर्देश
श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए मेलाधिकारी ने समस्त एसएमओ (SMO) एवं सर्किल इंस्पेक्टरों को विशेष हिदायत दी है। निर्देश दिए गए हैं।
- सभी सफाई अधिकारी अपने-अपने आवंटित क्षेत्रों में नियमित भ्रमणशील रहें।
- घाटों पर 24 घंटे पर्याप्त एवं नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
- कचरा निस्तारण की प्रक्रिया को और तेज किया जाए ताकि घाटों पर गंदगी न दिखे।
सेक्टर मजिस्ट्रेटों को सुरक्षा व प्रबंधन की जिम्मेदारी
मेला क्षेत्र को सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए समस्त सेक्टर मजिस्ट्रेटों को भी कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। अधिकारियों ने कहा कि घाटों को न केवल सुव्यवस्थित रखना है, बल्कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिहाज से उन्हें पूरी तरह सुरक्षित भी बनाना है। भीड़ नियंत्रण के लिए घाटों पर साइनेज (निर्देश बोर्ड) लगाने और स्वयंसेवकों की तैनाती पर भी चर्चा की गई। प्रशासन का लक्ष्य है कि बसंत पंचमी के पावन अवसर पर संगम तट पर आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को एक निर्मल और सुरक्षित वातावरण प्राप्त हो सके। निरीक्षण के अंत में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि तैयारियों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
