बदायूं संवाददाता।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से सियासी गतिविधियां तेज होने लगी हैं। इसी बीच डॉ. दीपक कुमार स्वर्णकार ने पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान कर राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू कर दी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य प्रदेश की जिस भी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे, वह उनके सामने चुनाव मैदान में उतरेंगे।
डॉ. दीपक स्वर्णकार ने कहा कि अब वह आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार हैं और लंबे समय से चल रहे विवाद को लेकर जनता के बीच जाएंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वह जनता की अदालत में अपनी बात रखेंगे। चुनाव लड़ने के लिए चाहे निर्दलीय प्रत्याशी बनना पड़े या किसी राजनीतिक दल का समर्थन लेना पड़े, वह पीछे नहीं हटेंगे।
गौरतलब है कि डॉ. दीपक कुमार स्वर्णकार वही व्यक्ति हैं, जिन्होंने पूर्व सांसद संघमित्रा मौर्य के साथ वैवाहिक संबंध होने का दावा करते हुए अदालत में शिकायत दर्ज कराई थी। उनका आरोप था कि वर्ष 2019 में संघमित्रा मौर्य के साथ उनका विवाह हुआ था, जबकि उस समय उनकी पहली शादी से तलाक नहीं हुआ था। इस मामले को लेकर उन्होंने स्वामी प्रसाद मौर्य और अन्य लोगों पर भी गंभीर आरोप लगाए थे। हालांकि ये आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं।
इस मामले में जुलाई 2024 में लखनऊ की एमपी-एमएलए अदालत ने स्वामी प्रसाद मौर्य, संघमित्रा मौर्य सहित पांच लोगों के खिलाफ अदालत में पेश नहीं होने पर सीआरपीसी की धारा 82 के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें फरार घोषित किया था। बाद में 9 अगस्त 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ इस मामले में आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगा दी थी।
डॉ. स्वर्णकार का आरोप है कि स्वामी प्रसाद मौर्य ने सत्ता और राजनीतिक रसूख का दुरुपयोग कर उन्हें प्रताड़ित किया तथा उनकी आवाज दबाने का प्रयास किया। उन्होंने अब इस पूरे मामले को राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर उठाने की बात कही है।
वहीं, राजनीतिक गलियारों में डॉ. स्वर्णकार के किसी बड़े राजनीतिक दल के संपर्क में होने की चर्चाएं भी हैं। हालांकि अभी तक किसी पार्टी की ओर से उन्हें प्रत्याशी बनाने या समर्थन देने की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
उधर, स्वामी प्रसाद मौर्य अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ उनके संभावित गठबंधन और राजनीतिक समीकरणों पर भी चर्चा जारी है। 3 नवंबर 2026 को कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच स्वामी प्रसाद मौर्य को लेकर राजनीतिक मतभेदों की खबरें भी सामने आई थीं।
डॉ. दीपक स्वर्णकार के इस ऐलान के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में वह किस राजनीतिक दल के समर्थन से या निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरते हैं। फिलहाल स्वामी प्रसाद मौर्य की ओर से डॉ. स्वर्णकार की चुनावी चुनौती पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
