बदायूं, संवाददाता।
जनपद बदायूं में लगातार तीन दिन हुई बारिश के दौरान 34 गोवंशों की मृत्यु की घटना को गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के पशुधन एवं दुग्ध विकास तथा राजनैतिक पेंशन विभाग के मंत्री धर्मपाल सिंह ने गुरुवार को म्याऊं ब्लॉक के अभिगांव और सालारपुर ब्लॉक के ब्यौर गोवंश आश्रय स्थलों का निरीक्षण किया। उन्होंने गोवंशों की मृत्यु की घटना पर कड़ी नाराजगी जताई और संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता, भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता, सीडीओ गामिनी सिंगला, जिला विकास अधिकारी मनोज कुमार तथा मुख्य पशु चिकित्साधिकारी प्रेम कोहली सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। पशुधन मंत्री ने दोनों गोवंश आश्रय स्थलों में गोवंशों के लिए उपलब्ध व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने चारा, शेड, जलनिकासी, पेयजल और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान वर्तमान में हरे चारे सहित अन्य व्यवस्थाएं दुरुस्त मिलीं।
बारिश में पर्याप्त शेड न होने से बिगड़े हालात
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने ग्रामीणों से भी गोवंशों की मृत्यु की घटना के संबंध में जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि लगातार तीन दिन हुई बारिश के दौरान आश्रय स्थल पर पर्याप्त शेड उपलब्ध नहीं थे। इसके कारण गोवंश लगातार बारिश में भीगते रहे। आश्रय स्थल ढलान पर होने के कारण बारिश का पानी भी परिसर में भर गया, जिससे कई गोवंश पानी में फंसे रहे। लगातार भीगने और ठंड लगने के कारण गोवंशों की मृत्यु हुई।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने मंत्री को बताया कि बारिश में भीगने के कारण म्याऊं क्षेत्र में 20 गोवंश और सालारपुर क्षेत्र में 14 गोवंश, कुल 34 गोवंशों की मृत्यु हुई है। निरीक्षण के दौरान ब्यौर गोवंश आश्रय स्थल पर एक गोवंश बीमार पाया गया, जिसका लगातार उपचार किया जा रहा है।
सर्दी से पहले सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश
पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी शीतकाल को देखते हुए जिले के सभी गोवंश आश्रय स्थलों पर पर्याप्त शेड और जलनिकासी की व्यवस्था अभी से सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही गोवंशों के लिए पर्याप्त हरा चारा, भूसा, स्वच्छ पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहें।
उन्होंने कहा कि गोवंश आश्रय स्थलों में व्यवस्थाओं की कमी के कारण इस प्रकार की घटनाएं दोबारा नहीं होनी चाहिए। संबंधित अधिकारी नियमित रूप से आश्रय स्थलों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की निगरानी करें और किसी भी कमी को तत्काल दूर कराएं।
मंत्री ने घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के भी निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी दातागंज, अधिशासी अधिकारी, खंड विकास अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
