बदायूं, संवाददाता।
महिलाओं को शिक्षित, आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए साहित्य की भूमिका महत्वपूर्ण है। महिलाओं के अधिकार, सुरक्षा, राजनीतिक जागरूकता और सामाजिक दायित्वों से जुड़े साहित्य से समाज में जागरूकता बढ़ती है। यह विचार पूर्व राज्यसभा सांसद एवं डीपी महाविद्यालय के संस्थापक डीपी यादव ने व्यक्त किए।
सहसवान में भारतीय महिलाओं से संबंधित साहित्य सृजन के लिए चर्चित साहित्यकार डॉ. त्रिवेन्द्र कुमार सिंह ने डीपी यादव से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने अपनी स्वरचित पुस्तकें ‘भारतीय महिलाओं में राजनीतिक जागरूकता एवं सामाजिक विकास’ और ‘भारतीय महिलाएं सुरक्षा एवं रोजगार’ भेंट कीं।
पुस्तकों की विषय-वस्तु की सराहना करते हुए डीपी यादव ने कहा कि महिलाओं के अधिकार और सशक्तिकरण पर केंद्रित साहित्य समाज के लिए बेहद उपयोगी और प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को शिक्षा, रोजगार और सामाजिक-राजनीतिक क्षेत्र में समान अवसर मिलने से परिवार और समाज दोनों मजबूत होते हैं।
उन्होंने डॉ. त्रिवेन्द्र कुमार सिंह के साहित्यिक प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं से जुड़े विषयों पर निरंतर लेखन समाज में जागरूकता पैदा करने के साथ नई पीढ़ी को भी संवेदनशील बनाने का काम करता है। उन्होंने साहित्यकार को उनके कार्य के लिए बधाई देते हुए भविष्य के लेखन के लिए शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर शिक्षा जगत से जुड़े बिसौली निवासी देशराज यादव और प्रोफेसर आदेश यादव भी मौजूद रहे।
