नया बदायूं

स्कूल गेट से 10 मीटर दूर शराब की दुकान, सड़क पर उतरे छात्र-छात्राएं

बदायू संवाददाता

थाना मूसाझाग क्षेत्र के ग्राम गुरगांव स्थित राजकीय हाईस्कूल के मुख्य द्वार से करीब 10 मीटर की दूरी पर संचालित शराब के ठेके को लेकर छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई है। ठेका हटाने की मांग को लेकर विद्यार्थियों ने ग्रामीणों के साथ रैली निकालकर प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि विद्यालय परिसर में शराब के खाली खोखे पड़े मिलते हैं। स्कूल के आसपास शराब पीने वालों की मौजूदगी और शोर-शराबे की शिकायतों से शैक्षिक माहौल तथा छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही है।

छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय के नजदीक शराब की दुकान होने से विद्यार्थियों को असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है। उनका कहना है कि स्कूल जैसे शिक्षण संस्थान के आसपास सुरक्षित और शांत वातावरण होना चाहिए, ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने ठेके को दूसरी जगह स्थानांतरित करने की मांग उठाई।

शिकायत के बाद भी नहीं निकला स्थायी समाधान

राजकीय हाईस्कूल गुरगांव की प्रधानाचार्य डॉ. शची गुप्ता ने इस समस्या को लेकर 16 जुलाई 2026 को जिलाधिकारी को शिकायती प्रार्थना पत्र दिया था। प्रधानाचार्य के मुताबिक, ठेके को स्कूल के सामने से कुछ दूरी पर हटाने की कार्रवाई की गई, लेकिन शराब की बिक्री पुरानी जगह से ही किए जाने की शिकायत है। ऐसे में विद्यालय प्रशासन और ग्रामीणों का कहना है कि समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं हो पाया है।

पूर्व प्रधान ने दी धरने की चेतावनी

ग्राम के पूर्व प्रधान सूरज पाल शाक्य ने मांग की कि शराब के ठेके को विद्यालय के आसपास से पूरी तरह हटाया जाए। उन्होंने कहा कि केवल नाममात्र की दूरी बढ़ाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। यदि ठेका नहीं हटाया गया तो ग्रामवासी और विद्यार्थी बदायूं में जिलाधिकारी आवास पर धरना देने के लिए मजबूर होंगे।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की जांच कराकर उचित कार्रवाई करने और विद्यार्थियों की सुरक्षा व विद्यालय के शैक्षिक वातावरण को ध्यान में रखते हुए ठेके को दूसरी जगह स्थानांतरित करने की मांग की है।

आबकारी अधिकारी ने दिया आश्वासन

मामले में जिला आबकारी अधिकारी हरिशंकर शुक्ल ने बताया कि दूसरी जगह दुकान उपलब्ध नहीं हो पाने के कारण ठेके को अब तक स्थानांतरित नहीं किया जा सका है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही ठेके को हटवाया जाएगा।

अब ग्रामीणों और विद्यालय प्रशासन को अधिकारियों के आश्वासन पर अमल होने का इंतजार है। विद्यार्थियों की मांग है कि विद्यालय के आसपास सुरक्षित और शांत वातावरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें बिना किसी परेशानी के शिक्षा मिल सके।

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