बरेली, संवाददाता।Nayabadaun
बदायूं जनपद की गौशालाओं में गोवंश के रखरखाव, भोजन, पानी और उपचार को लेकर पशु प्रेमी विकेंद्र शर्मा ने गंभीर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। उन्होंने गौशालाओं में कथित रूप से हो रही लापरवाही और गोवंश की खराब स्थिति को लेकर शासन स्तर पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया कि गौशालाओं में गोवंश को पर्याप्त चारा-पानी और समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है, जिसके कारण उनकी स्थिति लगातार खराब हो रही है।
पशु प्रेमी ने अपने पत्र में गौशालाओं की व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए यहां तक लिखा कि यदि गोवंश की समुचित देखभाल नहीं की जा सकती तो उन्हें भूख-प्यास से तड़पकर मरने देने के बजाय एक बार में दयामृत्यु दी जाए। उनके इस पत्र ने गौशालाओं की व्यवस्थाओं और वहां गोवंश के संरक्षण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शिकायत की प्रतिलिपि जनपद के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ पशुपालन विभाग के उच्च अधिकारियों को भी भेजी गई थी। मामले का संज्ञान लेते हुए डॉ. मदनपाल, अपर निदेशक ग्रेड-2, पशुपालन विभाग, बरेली ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी बदायूं से तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है। अपर निदेशक की ओर से भेजे गए पत्र में शिकायत के संबंध में आवश्यक आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
समय पर जवाब न देने पर सीवीओ होंगे जिम्मेदार
अपर निदेशक ने अपने पत्र में यह भी स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा में जवाब उपलब्ध नहीं कराया गया तो इसकी जिम्मेदारी मुख्य पशु चिकित्साधिकारी की होगी। इससे शिकायत की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। अब पशुपालन विभाग को गौशालाओं की व्यवस्थाओं से जुड़े आरोपों पर अपनी रिपोर्ट मंडल स्तर के अधिकारियों को उपलब्ध करानी होगी।
अधिकारियों पर भी लगाए गंभीर आरोप
पशु प्रेमी विकेंद्र शर्मा का आरोप है कि जनपद बदायूं में गौशालाओं से संबंधित शिकायतों की जांच में पारदर्शिता नहीं बरती जाती। उनका कहना है कि कई मामलों में स्थानीय अधिकारी मौके की वास्तविक स्थिति की जांच करने के बजाय ऐसी आख्या तैयार कर देते हैं, जिससे उच्च अधिकारियों को गुमराह किया जाता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायतों के निस्तारण के दौरान शिकायतकर्ता का पक्ष भी ठीक से नहीं सुना जाता और पशुपालन विभाग की ओर से लगाई गई आख्या को ही सही मानकर शिकायत का निस्तारण कर दिया जाता है। इससे वास्तविक स्थिति सामने नहीं आ पाती और गौशालाओं की व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हो पाता।
मंडल स्तर पर पहुंची शिकायत, अब जांच की उम्मीद
विकेंद्र शर्मा ने बताया कि अब मामले को मंडल स्तर के अधिकारियों के संज्ञान में भेजा गया है। उन्हें उम्मीद है कि इस बार शिकायत की निष्पक्षता से जांच कराई जाएगी और केवल विभागीय आख्या के आधार पर मामले का निस्तारण नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि गौशालाओं में गोवंश की देखभाल के लिए उपलब्ध व्यवस्थाओं, भोजन-पानी की व्यवस्था, बीमार पशुओं के उपचार, पशु चिकित्सकों की निगरानी और साफ-सफाई की स्थिति की वास्तविक जांच की जानी चाहिए। साथ ही यह भी देखा जाना चाहिए कि गौशालाओं के संचालन के लिए उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल निर्धारित मानकों के अनुसार किया जा रहा है या नहीं।
अब सबकी नजर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी की ओर से मंडल स्तर पर भेजी जाने वाली आख्या पर है। तीन दिन में मांगी गई रिपोर्ट के बाद यह स्पष्ट होगा कि विभाग शिकायत में लगाए गए आरोपों को किस तरह देखता है और गौशालाओं की व्यवस्थाओं को लेकर क्या कार्रवाई की जाती है।
