नया बदायूं संवाददाता।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के तत्वावधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बदायूं द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत एवं मध्यस्थता अभियान को लेकर जिले में व्यापक विधिक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पराविधिक स्वयंसेवक कमलेश कुमारी, नेहा कश्यप एवं मनम बी के द्वारा विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए गए।
जनमानस को किया जागरूक
पराविधिक स्वयंसेवकों ने गांधी नेत्र चिकित्सालय बदायूं, प्राइवेट बस स्टैंड, अंबेडकर पार्क, जिला पुरुष चिकित्सालय, थाना कोतवाली बदायूं तथा राजकीय महिला महाविद्यालय बदायूं में पहुंचकर लोगों को राष्ट्रीय लोक अदालत, मध्यस्थता एवं विधिक सेवाओं के संबंध में जानकारी दी। शिविरों में लोगों को बताया गया कि आपसी सुलह-समझौते के माध्यम से विभिन्न प्रकार के वादों का शीघ्र और सरल तरीके से निस्तारण कराया जा सकता है।
विशेष लोक अदालत
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा बताया गया कि 10 एवं 11 सितंबर 2026 को लघु प्रकृति के आपराधिक वादों के निस्तारण के लिए विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त 12 सितंबर 2026, द्वितीय शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत एवं आर्बिट्रेशन से संबंधित विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा।
जागरूकता शिविर
जागरूकता शिविरों में लोगों को बताया गया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में शमनीय आपराधिक वाद, वैवाहिक वाद, बिजली चोरी के वाद, बैंक ऋण वसूली से संबंधित मामले, चेक बाउंस के मामले तथा वाहन चालान से संबंधित वाद संदर्भित किए जा सकते हैं। वहीं मध्यस्थता अभियान के अंतर्गत शमनीय वाद, वैवाहिक विवाद, उपभोक्ता विवाद, बैंक ऋण वसूली, चेक बाउंस तथा दुर्घटना दावा से संबंधित मामलों को मध्यस्थता के लिए संदर्भित किया जा सकता है।
वादों का निस्तारण
पराविधिक स्वयंसेवकों ने लोगों को लोक अदालत के लाभों की जानकारी देते हुए बताया कि इसमें पक्षकारों की आपसी सहमति और सुलह-समझौते के आधार पर विवाद का निस्तारण कराया जाता है। लोक अदालत में वाद के निस्तारण के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता है तथा देय न्यायालय शुल्क भी वापस किए जाने का प्रावधान है। लोक अदालत में पारित निर्णय के विरुद्ध सामान्यतः अपील का प्रावधान नहीं होता है।
मध्यस्थता अभियान
शिविरों के माध्यम से लोगों को मध्यस्थता अभियान के बारे में भी जागरूक किया गया। मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति, सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली द्वारा संचालित राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान 3.0 का आयोजन 1 अगस्त 2026 से 30 दिसंबर 2026 तक किया जा रहा है।
वादकारियों से अपील
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से वादकारियों से अपील की गई कि वे राष्ट्रीय लोक अदालत एवं मध्यस्थता अभियान का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और आपसी सुलह-समझौते के माध्यम से अपने लंबित विवादों का शीघ्र एवं सरल तरीके से निस्तारण कराएं। जागरूकता शिविरों में आमजन को विधिक अधिकारों और उपलब्ध निःशुल्क विधिक सेवाओं के बारे में भी जानकारी दी गई।

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