नया बदायूं

असरार मुज़्तर की तीन किताबों का भव्य मुशायरे में विमोचन

 

बदायूं संवाददाता।

नाहर खां सराय में राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित सेवानिवृत्त शिक्षक एवं शायर असरार अहमद खां मुज़्तर बदायूँनी की तीन पुस्तकों ‘नूर का पैकर’, ‘नूर का सागर’ और ‘नूर की बरखा’ का भव्य कवि सम्मेलन एवं मुशायरे के बीच विमोचन किया गया। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री आबिद रज़ा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

कार्यक्रम हजरत मौलाना ग़ाज़ी मियां हुज़ूर की सरपरस्ती, मुख्तार तिलहरी की कयादत और असरार नसीमी एडवोकेट की सदारत में आयोजित हुआ। संचालन मशहूर शायर डॉ. हिलाल बदायूँनी ने किया। इस अवसर पर पूर्व मंत्री आबिद रज़ा ने असरार मुज़्तर को शॉल ओढ़ाकर और गुलपोशी कर सम्मानित किया।

मुशायरे का आगाज़ शाकिर रज़ा बदायूँनी ने नात-ए-पाक से किया। इसके बाद असरार नसीमी, मुख्तार तिलहरी, डॉ. मुजाहिद नाज़, असरार मुज़्तर, नूरी परवीन, डॉ. शम्स मुजाहिदी, रोशन निजामी, सुरेन्द्र नाज़ और डॉ. हिलाल बदायूँनी समेत विभिन्न जिलों से आए शायरों व कवियों ने अपने कलाम पेश किए।

शायरों ने मोहब्बत, इंसानियत, देशभक्ति, भाईचारे और सामाजिक सरोकारों पर आधारित रचनाएं सुनाईं। अरशद रसूल ने देश के बंटवारे का दर्द बयां किया, जबकि नोमान मकनपुरी ने इंसानियत और आपसी सद्भाव का संदेश दिया। शहजाद चंदौसवी ने महंगाई और गरीबों की समस्याओं को अपने अशआर में उठाया।

महफिल में बिसौली, चंदौसी, ककराला, बरेली और कानपुर समेत कई स्थानों से आए शायरों ने शिरकत की। सुबह चार बजे तक चले मुशायरे में सामईन ने शायरों और कवियों को खूब दाद-ओ-तहसीन से नवाजा।

कार्यक्रम के अंत में असरार अहमद खां मुज़्तर बदायूँनी ने सभी अतिथियों, शायरों, कवियों और सामईन का आभार व्यक्त किया।

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