नया बदायूं, संवाददाता।
कादरचौक के राधिका हास्पीटल का मामला स्वास्थ्य विभाग में सातवें आसमान तक पहुंच चुका है। स्वास्थ्य विभाग ने एमओआईसी डॉ. अवधेश राठौर को बचाने का प्रयास तो किया लेकिन मामला स्वास्थ्य भवन लखनऊ तक पहुंच गया है और विभागीय जांच चल रही है। इसके अलावा एमओआईसी व उनकी बहन सहित कई पर मुकदमा दर्ज हो चुका है। इस मामले में सीएमओ को आखिरकार एक और कार्रवाई करनी पड़ी है। कादरचौक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के प्रभारी डॉ. अवधेश राठौर को पद से हटा दिया गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने उन्हें तत्काल प्रभाव से सीएचसी प्रभार से मुक्त करते हुए अपने कार्यालय से संबद्ध कर दिया है।
ब्लाक कादरचौक क्षेत्र में डॉ. अवधेश की बहन का कादरचौक में ही राधिका नाम को प्राइवेट अस्पताल संचालित हो रहा था। जहां पर एक गर्भवती महिला की डिलीवरी के दौरान कथित रूप से अमानवीय तरीके अपनाए गए। प्रसव के दौरान महिला के सीने पर बैठकर डिलीवरी कराई गई। जिससे नवजात की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में आक्रोश फैल गया था और स्वास्थ्य विभाग पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया था। जिसके बाद में सीएमओ ने उनको वहां से हटाकर ककराला का प्रभारी बना दिया था। इससे लोगों आक्रोश कम होने की जगह और बढ़ने लगा। ऐसे में बुधवार को सीएमओ डॉ. मोहन झा ने डॉ. अवधेश को सीएचसी के प्रभार से हटाकर सीएमओ कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्रीमोहन झा ने बताया कि डॉ. अवधेश को सीएचसी से हटाकर कार्यालय पर संबंद्ध कर लिया गया है। विभागीय जांच चल रही है। क्योंकि सीएमओ ने कादरचौक एमओआईसी को वहां से हटाकर ककराला का चार्ज दिया तो खुद सीएमओ सवालों के घेरा में आ गए थे। इधर मामला स्वास्थ्य भवन लखनऊ अनुभाग नौ तक मामला पहुंच चुका है। इस मामले में शासन से अभी और भी कार्रवाई होने की बात कही जा रही है।
एमओआईसी सहित पर मुकदमा दर्ज
कादरचौक थाना क्षेत्र के ललसी नगला गांव मजरा गंगवरार निवासी छोटेलाल ने बताया कि राधिका नर्सिंग होम में प्रसव के दौरान एक महिलाकर्मी ने प्रसूता के सीने पर बैठकर पेट दबाया, जिससे नवजात की मौके पर ही मौत हो गई। छोटेलाल ने डीएम अवनीश राय को मामले से अवगत कराया। सूचना पर एसडीएम सदर मोहित सिंह, सीओ उझानी सुनील कुमार, प्रभारी सीएमओ डॉ. अमित व डॉ. कौशल गुप्ता ने नर्सिंग होम का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई अनियमितताएं सामने आईं। इस पर नर्सिंग होम को सील कर दिया। पुलिस ने एमओआईसी डॉ. अवधेश राठौर, नर्सिंग होम संचालिका उनकी बहन मोनिका राठौर, कादरचौक सीएससी की स्टाफ नर्स शशिलता, दाई बविता व सीएचसी की एक अन्य महिला कर्मी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
यह टीम करेगी जांच
कादरचौक राधिका नर्सिंगहोम मामले को लेकर सीएमओ डॉ. मोहन झा ने जांच टीम गठित कर दी है। यह टीम तीन सदस्यी कमेटी बनाई है। जिसमें जिला महिला अस्पताल के बालरोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप वार्ष्णेये और डिप्टी सीएमओ डॉ. निरंजन गंगवार सहित की टीम बनाई है। टीम की रिपोर्ट पर अंतरिम कार्रवाई की जायेगी।
