नया बदायूं, संवाददाता।
संयुक्त निगरानी समिति द्वारा जिला कारागार का निरीक्षण किया गया। इस दौरान सुरक्षित बचपन निगरानी समिति के सदस्यों ने कारागार में रह रहे बच्चों की स्थिति एवं सुविधाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान समिति ने सुरक्षित बचपन के तहत चिन्हित बच्चों की आवश्यकताओं की समीक्षा की। बच्चों को स्वास्थ्य, शिक्षा एवं विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, एसीएमओ तथा बाल रोग विशेषज्ञ को आवश्यक निर्देश दिए गए। बताया गया कि वर्तमान में 05 बच्चे अपनी माताओं के साथ कारागार में रह रहे हैं। इन बच्चों की आईसीपी (Individual Care Plan) का नियमित फॉलोअप करने एवं समय-समय पर काउंसलिंग कराने के लिए जिला बाल संरक्षण अधिकारी को निर्देशित किया गया।
वहीं, एडीएम प्रशासन ने निर्देश दिए कि कारागार में निरुद्ध महिला बंदियों के परिवार में रह रहे बच्चों को भी सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाए। इसके लिए संबंधित एसडीएम से समन्वय स्थापित कर आवश्यक दस्तावेज तैयार कराए जाएं और उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जाए। निरीक्षण के दौरान एडीएम प्रशासन अरुण कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी अभय कुमार, एसीएमओ डॉ. मोहन झा, अध्यक्ष बाल कल्याण समिति नंद किशोर पाठक, संरक्षण अधिकारी रवि कुमार, सामाजिक कार्यकर्ता भमरपाल सिंह, अधीक्षक जिला कारागार राजेंद्र कुमार, जेलर शैलेश कुमार सिंह सोनकर एवं उप अधीक्षक अनन्या अत्री सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
