नया बदायूं, संवाददाता।
तहसील बिसौली क्षेत्र के ग्राम बगरैन स्थित 96 बीघा निजी तालाब को कब्जामुक्त कराने की मांग को लेकर तालाब स्वामी रामबाबू कश्यप और उनके समर्थकों का अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को 36वें दिन भी जारी रहा। लगातार बारिश, तेज धूप और खराब मौसम के बावजूद आंदोलनकारी मालवीय आवास गृह पर डटे रहे और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।
रामबाबू कश्यप ने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये के मछली व्यापार पर भू-माफियाओं का कब्जा है और तहसील प्रशासन की मिलीभगत से वर्षों से उनके निजी तालाब में अवैध रूप से मछली पालन कराया जा रहा है। उनका कहना है कि शासन जहां अवैध कब्जे हटाने का अभियान चला रहा है, वहीं उनके मामले में प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि ग्राम बगरैन में नियमों के विरुद्ध कई कार्य हुए हैं। उनका कहना है कि 154 बीघा ग्रामसभा तालाब की भूमि पर अवैध निर्माण कराए गए हैं तथा सरकारी तालाबों पर भी कब्जे कराए गए हैं। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। रामबाबू कश्यप ने कहा कि वह 1 मार्च 2022 से लगातार अपने अधिकार के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। उनका आरोप है कि पिछले 10 वर्षों से उन्हें तालाब से कोई आय नहीं मिली, जबकि भू-माफिया खुलेआम मछली पालन कर आर्थिक लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनकी एसडीएम बिसौली से वार्ता हुई थी और कार्रवाई का भरोसा भी मिला था, लेकिन एक सप्ताह बीतने के बाद भी कोई परिणाम सामने नहीं आया। इससे वह काफी निराश हैं। धरना स्थल पर रामबाबू कश्यप ने कहा कि अब खाली हाथ घर वापसी नहीं होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें भू-माफियाओं से जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं और इसकी लिखित शिकायत वह जिलाधिकारी को देंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। बुधवार दोपहर लगभग एक बजे भारतीय किसान यूनियन के मंडल प्रवक्ता राजेश कुमार सक्सेना धरना स्थल पहुंचे और आंदोलनकारियों का हालचाल जाना। उन्होंने आश्वासन दिया कि शीघ्र ही उच्च अधिकारियों से वार्ता कर समाधान का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि मामला न्यायोचित है तो आंदोलनकारियों को न्याय अवश्य मिलेगा। धरने पर बैठे लोगों ने स्पष्ट कहा कि न्याय मिलने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
