नया बदायूं

राजकीय मेडिकल कॉलेज में ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत व्याख्यान प्रतियोगिता

नया बदायूं, संवाददाता।

राजकीय मेडिकल कॉलेज में ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत स्नातकोत्तर जूनियर रेजिडेंट (पीजी जेआर) की ओर से व्याख्यान प्रतियोगिता की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य डॉ. शिव कुमार ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज के लिए एक गंभीर सामाजिक एवं स्वास्थ्य संबंधी समस्या है। युवाओं को नशे से दूर रहकर स्वस्थ जीवनशैली अपनानी चाहिए और समाज में नशा मुक्ति के प्रति जागरूकता फैलाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने इस प्रकार की प्रतियोगिताओं को समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बताया और सभी उपस्थितजनों को नशा मुक्त भारत की शपथ भी दिलाई।
उपप्राचार्य डॉ. नेहा सिंह ने प्रतियोगिता के विजेताओं की घोषणा करते हुए उन्हें प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि परिवार और समाज को भी गहराई से प्रभावित करता है, इसलिए युवाओं को अनुशासित और सकारात्मक जीवनशैली अपनानी चाहिए।
प्रतियोगिता का आयोजन पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. सुचेता यादव के निर्देशन में किया गया। इसमें एनाटॉमी विभाग के जूनियर रेजिडेंट डॉ. अर्चित आर्य, डॉ. ऋषभ सिंह, डॉ. एतिशा चौधरी तथा कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के डॉ. विनीत कुमार, डॉ. मोहम्मद एजाज, डॉ. कुलदीप, डॉ. नेहा मिश्रा और डॉ. मोनिश अंसारी ने नशे के दुष्प्रभाव और उससे बचाव के उपायों पर प्रभावशाली व्याख्यान प्रस्तुत किए।
निर्णायकों के अनुसार डॉ. अर्चित आर्य ने प्रथम, डॉ. ऋषभ सिंह ने द्वितीय तथा डॉ. एतिशा चौधरी और डॉ. नेहा मिश्रा ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम में डॉ. मुकत्याज हुसैन, डॉ. मनीष कुमार, डॉ. लालेन्द्र यादव, डॉ. पारुल सक्सेना और डॉ. अमित कुमार सहित अनेक चिकित्सक, संकाय सदस्य तथा एमबीबीएस और नर्सिंग के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। इस आयोजन के माध्यम से ‘नशा मुक्त भारत’ के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने और युवाओं को जागरूक करने का संदेश दिया गया।

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