नया बदायूं

शासन का फरमान : आंधी-बारिश सहित आपदाओं में मुआवजा पाने का आसान तरीका

सूचना भवन बदायूं।

संवाददाता, नया बदायूं।
बदायूं जनपद में आंधी बारिश जैसी आपदा इन दिनों जनपद में आ रही है। जिसमें पेड़-मकान, दीवारें आदि गिरने से फसलों के नुकसान के साथ पशुहानि भी हो रही है। आपदा के दौरान पशुधन की हानि झेलने वाले किसानों व पशुपालकों को अब राहत मिलेगी। शासन द्वारा निर्धारित प्रावधानों के तहत ऐसी स्थिति में मुआवजा दिए जाने की व्यवस्था लागू है।

शासन से जनपद के डीएम अवनीश कुमार राय एवं सभी तहसीलों और पशुपालन विभाग को आदेश सहित पूरी गाइड लाइन जारी कर दी है। आसफपुर स्थित पशु चिकित्सालय पर तैनात पशु चिकित्साधिकारी डॉ. दीप वार्ष्णेय ने बताया कि शासन ने किसानों, पशुपालकों को लिए नई गाइड लाइन जारी की है। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक व मानव निर्मित आपदाओं-जैसे आकाशीय बिजली, भारी वर्षा, आंधी-तूफान, सर्पदंश, लू-प्रकोप, जल दुर्घटना, मानव-वन्यजीव संघर्ष आदि के कारण पशुधन की मृत्यु होने पर निर्धारित दरों से आर्थिक सहायता दी जाती है। डॉ. वार्ष्णेय के अनुसार, ऐसी किसी भी घटना के बाद पीड़ित को तत्काल स्थानीय लेखपाल या तहसील प्रशासन को सूचना देनी चाहिए। साथ ही 112, 101 या 1962 हेल्पलाइन नंबर पर भी जानकारी दी जा सकती है, ताकि समय से जांच और सहायता प्रक्रिया शुरू हो सके।

जरूरी दस्तावेज
लाभ पाने के लिए सूचना/प्रार्थना पत्र, पंचायतनामा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट व घटना के फोटोग्राफ जमा करना अनिवार्य हैं। साथ ही संबंधित पशु का पंजीकरण स्थानीय स्तर पर होना चाहिए।

निर्धारित मुआवजा दरें
शासनादेश के अनुसार जनहानि पर चार लाख रुपये, दुग्धारू पशुओं पर 37,500 रुपये प्रति पशु (अधिकतम तीन), छोटे पशुओं पर 4,000 रुपये प्रति पशु (अधिकतम 30), भारवाहक पशुओं पर 32,000 रुपये प्रति पशु (अधिकतम तीन), अन्य पशुओं पर 2,000 रुपये प्रति पशु (अधिकतम छह) और मुर्गी पर 100 रुपये प्रति पक्षी (अधिकतम एक हजार रुपये) दिए जाएंगे।

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