नया बदायूं, संवाददाता वजीरगंज (बदायूं)। सावन माह में जहां प्रशासन कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में जुटा है, वहीं नगर पंचायत सैदपुर की लापरवाही इस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। बदायूं–मुरादाबाद हाईवे किनारे लगे कचरे के ढेर से क्षेत्र में दुर्गंध फैल रही है, जिससे कांवड़ियों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पंचायत प्रशासन द्वारा लगातार हाईवे किनारे कचरा डलवाया जा रहा है। इससे न केवल वातावरण प्रदूषित हो रहा है, बल्कि आसपास के क्षेत्र में संक्रमण और संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। सावन माह में प्रतिदिन हजारों की संख्या में कांवड़िए इसी मार्ग से गुजरते हैं, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर समस्या की अनदेखी कर रहे हैं।
कार्रवाई की मांग
लोगों का कहना है कि कचरे के ढेर से उठ रही तीखी बदबू के कारण कांवड़ियों की आस्था भी प्रभावित हो रही है। धार्मिक माहौल के बीच इस तरह की अव्यवस्था प्रशासनिक उदासीनता को उजागर करती है। कई श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने इस संबंध में मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए कार्रवाई की मांग की है।
कचड़ा डालना रोका जाए
ग्रामीणों और क्षेत्रीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि हाईवे किनारे कचरा डालने पर तत्काल रोक लगाई जाए, नियमित रूप से सफाई कराई जाए और कांवड़ यात्रा के दौरान स्वच्छ व सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ तो जन आंदोलन किया जाएगा।
कांवड़ियों को दिक्कत
यह मामला न केवल स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि कांवड़ यात्रा जैसी महत्वपूर्ण धार्मिक व्यवस्था के प्रति प्रशासन की गंभीरता पर भी प्रश्नचिह्न लगाता है।
