नया बदायूं, संवाददाता। ब्यूरो कार्यालय
उत्तर प्रदेश के जनपद बदायूं में हर वर्ष की तरह डेंगू का कर शुरू हो चुका है और मौत का सिलसिला भी शुरू हो गया है। बदायूं जनपद में डेंगू की पहली मौत हो गई है। प्राइवेट लैब में डेंगू की पुष्टि होने के बाद महिला का उपचार चल रहा था और इलाज के दौरान मौत हो गई जिसके बाद से मीरपुर गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है और 20 से अधिक लोग अभी भी सर्दी बुखार सहित बीमारियों की चपेट में है।
वजीरगंज थाना क्षेत्र के ग्राम मीरापुर में 36 वर्षीय महिला की डेंगू बुखार से मौत का मामला सामने आने के बाद गांव में दहशत का माहौल है। महिला की मौत के बाद ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से तत्काल जांच और निरोधात्मक कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में मच्छरों का प्रकोप बढ़ा हुआ है और कई लोग बुखार की चपेट में हैं।
प्राइवेट पैथोलॉजी पर डेंगू की हुई पुष्टि
गांव निवासी पूजा पत्नी जितेंद्र कुमार की पिछले कुछ समय से तबीयत खराब चल रही थी। परिजनों के अनुसार चिकित्सक की सलाह पर सिंह पैथोलॉजी लैब में महिला की डेंगू जांच कराई गई थी। परिजनों का दावा है कि रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टि हुई थी। इसके बाद महिला का उपचार कराया गया, लेकिन हालत बिगड़ती गई और शुक्रवार को उसकी मौत हो गई। महिला की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
20 लोगों के अस्पताल में भर्ती होने का दावा
महिला की मौत के बाद गांव में डेंगू को लेकर चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों के अनुसार मीरापुर और आसपास के क्षेत्र में कई लोग बुखार से पीड़ित हैं, जबकि करीब 20 लोगों के उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती होने की बात कही जा रही है। हालांकि इन सभी मामलों में डेंगू की पुष्टि को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
बीमारी से मुक्ति दिलाने की मांग
ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से गांव में तत्काल स्वास्थ्य शिविर लगाकर बुखार से पीड़ित लोगों की जांच कराने, दवा वितरण, फॉगिंग और एंटी-लार्वा का छिड़काव कराने की मांग की है। साथ ही ग्रामीणों ने डेंगू से बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाने की भी मांग की है।
सीएमओ ने जांच के दिए निर्देश
सीएमओ डॉ. विकास शर्मा ने बताया कि महिला की मौत की जानकारी मिली है। उन्होंने सैदपुर और वजीरगंज के अधीक्षकों को गांव जाकर मामले की जांच-पड़ताल करने के निर्देश दिए हैं। महिला की मौत किन कारणों से हुई, इसकी भी जांच कराई जाएगी। सीएमओ ने बताया कि गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों की जांच कराई जाएगी। साथ ही फॉगिंग और दवा का छिड़काव भी कराया जाएगा। महिला की मौत के बाद ग्रामीणों की निगाह अब स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर टिकी है। जांच में महिला की मौत का वास्तविक कारण और गांव में बुखार के मामलों की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही तस्वीर साफ हो सकेगी।
