नया बदायूं, संवाददाता।
भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक असली) ने पूर्ति विभाग सदर तहसील में कथित भ्रष्टाचार को लेकर डीएम को संबोधित ज्ञापन एडीएम प्रशासन अरुण कुमार को सौंपा। यूनियन ने पूर्ति निरीक्षक योगेंद्र सिंह और पूर्ति क्लर्क राहुल वशिष्ठ के खिलाफ पूर्व में की गई शिकायतों की जांच कर कार्रवाई की मांग की।
यूनियन के जिला अध्यक्ष केपीएस राठौर ने आरोप लगाया कि वह एक कार्यकर्ता का राशन कार्ड में यूनिट जुड़वाने के संबंध में सदर तहसील स्थित पूर्ति विभाग के कार्यालय पहुंचे थे। आरोप है कि बातचीत के दौरान पूर्ति क्लर्क राहुल वशिष्ठ वहां पहुंचे और चाय मंगवाकर पिलाई। इसके बाद जांच से संबंधित बातचीत के दौरान कथित रूप से नोटों से भरा लिफाफा उनकी जेब में रखने का प्रयास किया गया।
केपीएस राठौर के अनुसार पूछने पर लिफाफे में कुछ न होने की बात कही गई, लेकिन लिफाफा खोलकर देखने पर उसमें 500 रुपये के नोट बताए गए। उन्होंने लिफाफा वापस टेबल पर रख दिया। यूनियन का आरोप है कि इसके बाद क्लर्क लिफाफा लेकर बाहर आए और अपने पर्स से 500 रुपये के नोट उसमें रखने का प्रयास करते हुए दोबारा लिफाफा देने की कोशिश की। इस दौरान मौके पर कहासुनी भी हुई।
किसान यूनियन ने पूरे मामले को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। यूनियन का कहना है कि मामले की जानकारी जिला पूर्ति अधिकारी को भी दी गई थी और कार्रवाई का आश्वासन मिला था, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ज्ञापन में पूर्ति विभाग से जुड़े अन्य कथित भ्रष्टाचार के आरोपों की भी जांच कराने की मांग की गई। यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि मामले में जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो जिला पूर्ति अधिकारी का घेराव किया जाएगा।

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