नया बदायूं, संवाददाता।
गंगा एक्सप्रेस-वे के डहरपुर इंटरचेंज के निकट प्रस्तावित औद्योगिक गलियारे के लिए भूमि अधिग्रहण के विरोध में रविवार को डोलापुर गांव में किसानों ने ग्राम चौपाल आयोजित कर आंदोलन को तेज करने का ऐलान किया। चौपाल में पांच गांवों के किसानों ने एक स्वर में कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपनी कृषि भूमि नहीं देंगे और यदि जबरन भूमि अधिग्रहण किया गया तो उसका विरोध किया जाएगा। किसानों ने स्पष्ट कहा, “जान दे देंगे, लेकिन जमीन नहीं देंगे।”
रविवार को ग्राम चौपाल में कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजीत यादव भी शामिल हुए। उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों की उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण उनके भविष्य के साथ अन्याय होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है और उनकी सहमति के बिना भूमि अधिग्रहण का विरोध करेगी।
अजीत यादव ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार किसानों की सहमति के बिना उनकी कृषि भूमि का अधिग्रहण कर औद्योगिक परियोजनाओं के लिए देना चाहती है। उन्होंने कहा कि चार फसली उपजाऊ जमीन का अधिग्रहण होने से किसान आर्थिक रूप से बर्बाद हो जाएंगे। उन्होंने किसानों से अपनी जमीन बचाने के लिए एकजुट रहने का आह्वान किया और राजनीतिक टिप्पणी करते हुए वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को सत्ता से हटाने की अपील भी की। भूमि बचाओ संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे के डहरपुर इंटरचेंज के पास प्रस्तावित औद्योगिक गलियारे के लिए करीब 3800 बीघा भूमि चिह्नित की गई है। उनका कहना है कि यूपीडा द्वारा सर्वे कराया जा चुका है, जिसके बाद क्षेत्र के किसानों में भूमि अधिग्रहण को लेकर चिंता बढ़ गई है। समिति ने आंदोलन को और व्यापक बनाने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में 7 जुलाई को छछऊ गांव में अगली ग्राम चौपाल आयोजित की जाएगी, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी। ग्राम चौपाल में कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष श्रीश शर्मा, ओमप्रकाश, भोलानाथ, धर्मेंद्र कुमार, प्रदीप सिंह, संजय सिंह, तेजपाल, मुनेंद्र, रामसेवक, रामदुलार सहित बड़ी संख्या में किसान और कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
