नया बदायूं संवाददाता। जनपद के मालवीय आवास गृह पर भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) का अनिश्चितकालीन धरना शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। संगठन ने जिला प्रशासन पर किसानों की समस्याओं के प्रति संवेदनहीनता और सुनवाई न करने का गंभीर आरोप लगाया है। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी जायज मांगें पूरी नहीं होतीं, वे धरना स्थल से नहीं हटेंगे।
क्या है पूरा मामला?
विवाद की मुख्य जड़ उझानी क्षेत्र के ग्राम जनुइया से जुड़ी है। भाकियू कार्यकर्ताओं के अनुसार, पीड़ित किसान भगवान दास और प्रेमवती की कृषि भूमि पर गाँव के ही दबंगों (गजराज और हीरालाल) ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। आरोप है कि विपक्षियों ने खड़ी फसल को उजाड़ कर जमीन पर कब्जा जमाया। पीड़ितों का कहना है कि इस मामले की शिकायत उझानी पुलिस से कई बार की गई, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस और प्रशासन की इसी निष्क्रियता से क्षुब्ध होकर संगठन को धरने का रास्ता चुनना पड़ा।
प्रदेश स्तर तक जाएगा आंदोलन
धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष सतीश साहू ने कहा कि प्रशासन पूरी तरह मौन है और किसानों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। वहीं, प्रदेश सचिव आसिम उमर ने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने इसी तरह लापरवाही बरती और आंदोलन को अनदेखा किया, तो इस मुद्दे को प्रदेश स्तर पर ले जाया जाएगा और राजधानी तक आवाज उठाई जाएगी।
धरने का नेतृत्व कर रहे कृष्ण अवतार शाक्य ने कहा कि जल्द ही इस प्रदर्शन को और उग्र किया जाएगा और इसे एक बड़े आंदोलन का रूप दिया जाएगा।
मौके पर मौजूद रहे कार्यकर्ता
धरने में मुख्य रूप से पीड़ित प्रेमवती व भगवान दास के साथ जिला महासचिव बीईशू दास, रामेश्वर, आराम सिंह, शमा उमर, नूरुद्दीन, महेंद्र, रजनेश उपाध्याय, पप्पू और रामसिंह सहित बड़ी संख्या में किसान कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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