नया बदायूं संवाददाता। आजादी के सात दशक बीत जाने के बाद भी विकास की किरण बदायूं के कुछ गाँवों तक नहीं पहुँच सकी है। विकासखंड उझानी के ग्राम सिरसौली-जिरौली मार्ग के निर्माण की माँग को लेकर अब ग्रामीणों ने आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के नेतृत्व में कल, 12 जनवरी को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा और 13 जनवरी (मंगलवार) से जिरौली मार्ग पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।
1500 मीटर का टुकड़ा और चार जनप्रतिनिधि।
भाकियू के मंडल प्रवक्ता राजेश कुमार सक्सेना ने बताया कि सिरसौली से जिरौली के बीच मात्र 1500 मीटर का कच्चा मार्ग है, जो बरेली-मथुरा मार्ग को जोड़ता है। विडंबना यह है कि यह छोटा सा टुकड़ा दो विधानसभाओं (बिल्सी और शेखपुर) और दो लोकसभा क्षेत्रों आंवला और बदायूं के बॉर्डर पर स्थित है।
सक्सेना ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय राजनेता वोट लेने के लिए झूठे वादे करते हैं। जीतने के बाद जब मार्ग निर्माण की बात की जाती है, तो विधायक और सांसद इसे अपने क्षेत्र से बाहर बताकर पल्ला झाड़ लेते हैं। यदि चारों जनप्रतिनिधि अपने कोटे से केवल 375-400 मीटर सड़क भी बनवा दें, तो ग्रामीणों की समस्या का समाधान हो सकता है।
मार्ग न बनने से टूटा दर्जनों गाँवों का संपर्क।
इस मार्ग के न बनने से अल्लापुर भोगी, बदरपुर, गुराई, कुरई और दूदेनगर समेत दर्जनों गाँवों के लोगों को उझानी जाने के लिए 6 से 7 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। बरसात के मौसम में यह रास्ता पूरी तरह बंद हो जाता है, जिससे किसानों को अपने खेत-खलिहान तक पहुँचने में भारी मशक्कत करनी पड़ती है।
13 जनवरी को बड़ा धारणा प्रदर्शन करेगी किसान यूनियन।
मंडल प्रवक्ता ने ग्रामीणों से अपील की है कि 13 जनवरी को अधिक से अधिक संख्या में जिरौली पहुँचें। इस धरने में मंडल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष चौधरी सौदान सिंह मुख्य रूप से शामिल होंगे। बैठक के दौरान पूर्व रमेश फौजी, ग्राम प्रधान विश्राम सिंह कुशवाहा, शीत राम राजपूत, ओंकार सिंह मौर्य, सत्यवान शाक्य, ज्ञानचंद मौर्य, मदनलाल खुराना और वसीम अहमद समेत सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों का साफ संदेश है रोड नहीं तो चैन नहीं।

Discussion about this post