नया बदायूं संवाददाता। शहर के एक बड़े हिस्से में पिछले 10 दिनों से जारी भीषण जल संकट ने अब उग्र आंदोलन का रूप ले लिया है। अंबेडकर छात्रावास के समीप स्थित ओवरहेड टैंक में आई खराबी और विभागीय लापरवाही के विरोध में आज वार्ड नंबर 27 के सभासद पति रफीकउद्दीन और वार्ड नंबर 18 के सभासद मोहित सक्सेना पानी की टंकी पर चढ़ गए। उनका स्पष्ट कहना है कि जब तक पेयजल आपूर्ति सुचारू नहीं होती या ठोस आश्वासन नहीं मिलता, वे नीचे नहीं उतरेंगे।
लापरवाही की भेंट चढ़ी व्यवस्था
स्थानीय निवासियों के अनुसार, पिछले एक हफ्ते से क्षेत्र में पानी की बूंद-बूंद के लिए त्राहि-त्राहि मची है। अंबेडकर छात्रावास के पास स्थित मुख्य ओवरहेड टैंक पिछले तीन वर्षों में कई बार मरम्मत के नाम पर बंद किया जा चुका है, लेकिन समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। इस बार पिछले 10 दिनों से लोची नगला, कल्याण नगर, पटियाली सराय, हुसैनी गली, आर्य समाज, टिकटगंज, बरामपुर और इंदिरा चौक जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में पानी की सप्लाई पूरी तरह ठप है।
अधिकारियों पर गुमराह करने का आरोप
आंदोलनकारी सभासदों का आरोप है कि अधिशासी अभियंता और नलकूप विभाग के कर्मचारी जनता को पिछले 8-10 दिनों से लगातार गुमराह कर रहे हैं। गौरतलब है कि नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा इस मामले में कड़ी कार्रवाई के लिखित निर्देश दिए जाने के बावजूद, निचले स्तर के कर्मचारी और अधिकारी कार्य में घोर लापरवाही बरत रहे हैं। प्रशासन द्वारा प्रभावित इलाकों में टैंकर जैसी कोई वैकल्पिक व्यवस्था न किए जाने से जनता का आक्रोश सातवें आसमान पर है।
मौके पर टंकी के नीचे जमा हुई भारी भीड़
सभासदों के टंकी पर चढ़ने की खबर फैलते ही मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई है। पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी उन्हें समझाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन सभासद अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। जनता का कहना है कि यह लड़ाई अब आर-पार की है क्योंकि पानी जैसी मूलभूत सुविधा के लिए भी विभाग संवेदनहीन बना हुआ है।
