नया बदायूं

डीएम अवनीश राय ने राजस्व वसूली की समीक्षा में कम प्रगति वाले विभागों को दी चेतावनी

 

बदायूं संवाददाता।

जिलाधिकारी अवनीश राय ने राजस्व वादों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने और राजस्व वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने लक्ष्य के सापेक्ष कम वसूली करने वाले अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सभी विभाग शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करें, अन्यथा संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व महेंद्र श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी प्रशासन मानवेन्द्र सिंह, अपर जिलाधिकारी न्यायिक अंजुम बी सहित सभी उपजिलाधिकारियों के साथ राजस्व वसूली और राजस्व वादों के निस्तारण की विस्तृत समीक्षा की।

कई विभागों की वसूली लक्ष्य से पीछे

समीक्षा के दौरान परिवहन विभाग ने लक्ष्य के सापेक्ष 106.42 प्रतिशत, मंडी समिति ने 100.98 प्रतिशत और बाट-माप विभाग ने 99 प्रतिशत राजस्व वसूली की। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया।

वहीं, खनन विभाग की वसूली 24.15 प्रतिशत, वाणिज्य कर (जीएसटी) की 40.39 प्रतिशत, वन विभाग की 49.38 प्रतिशत और विद्युत देय की वसूली 54.93 प्रतिशत पाई गई। कम वसूली पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

तहसीलों में हजारों राजस्व वाद लंबित

राजस्व वादों की समीक्षा में धारा 116 के अंतर्गत कानूनी बंटवारे से संबंधित कुल 1,638 वाद लंबित पाए गए। इनमें तहसील सदर में 579, दातागंज में 397, बिसौली में 311, बिल्सी में 249 और सहसवान में 102 वाद शामिल हैं।

इसी प्रकार, धारा 34 के अंतर्गत दाखिल-खारिज से संबंधित कुल 8,042 वाद लंबित हैं। इनमें सदर तहसील में 2,026, दातागंज में 1,420, बिसौली में 1,805, बिल्सी में 1,337 और सहसवान में 1,454 वाद लंबित हैं।

वहीं, धारा 24 के अंतर्गत भूमि की पैमाइश से संबंधित कुल 840 वाद लंबित पाए गए। इनमें सदर तहसील में 257, दातागंज में 255, बिसौली में 154, बिल्सी में 114 और सहसवान में 60 वाद शामिल हैं।

पुराने मामलों को लंबित रखने पर जताई नाराजगी

लंबित राजस्व वादों की संख्या पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वादों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। विशेष रूप से पुराने मामलों को किसी भी दशा में अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। उन्होंने अधिकारियों से राजस्व वादों के निस्तारण में तेजी लाने और निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करने को कहा।

बैठक में सभी उपजिलाधिकारी और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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