नया बदायूं। ब्योरो
उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम अचानक बदायूं राजकीय मेडिकल कालेज पहुंचे तो हड़कंप मच गया। आनन-फानन में मेडिकल कालेज प्रशासन अपनी व्यवस्थाओं के कारनामों को छिपा नहीं पाया। डिप्टी सीएम ने अव्यवस्थाओं को देखा तो भड़क गए और प्राचार्य पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। गंदगी मिलने पर डिप्टी सीएम ने बड़ी कार्रवाई की और उन्होंने सफाई एजेंसी को हटाने का आदेश दिया। इसके साथ ही एक महीने का भुगतान काटने का भी आदेश दिया है। निरीक्षण के दौरान डिप्टी सीएम ने दो टूक प्राचार्य से कहा कि हमें इलाज चाहिए बहानेबाजी और रेफर स्लिप नहीं चाहिए। कहा कि एक महीने में सुधार कराओ, जितना पैसा चाहिए हम देंगे, प्रस्ताव बनाकर तो भेजे।
गुरुवार की शाम को पांच बजे अचानक से डिप्टी सीएम बृजेश पाठक बदायूं राजकीय मेडिकल कालेज पहुंच गए। घुसते ही लिंटर से लटकती सीलिंग, इमरजेंसी गेट की अव्यवस्था पर भड़क गए। वह सीधे इमरजेंसी वार्ड में गए और यहां एक मरीज की मौत हो चुकी थी। उन्होंने डाक्टर से बीमार और इलाज के बारे में पूछा। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत गाड़ी से मरीज के शव को घर पहुंचाया जाये। इसके इमरजेंसी के दूसरे वार्ड में गए यहां मरीजों से हालचाल लिया। डाक्टर और प्राचार्य से बात की। दो ही वार्ड में इतनी ज्यादा गंदगी दिख गई कि डिप्टी सीएम भड़क गये। मरीज गंदी चादरों पर लेटे थे, जमीन पर गंदगी फैली थी। व्यवस्थाएं हावी थीं। उन्होंने प्राचार्य से कहा कि तत्काल सफाई एजेंसी को हटाया जाये और एक महीने का भुगतान काटा जाये। कहा कि कार्रवाई कर शुक्रवार तक अवगत कराया जाये। इसके बाद टावर एक और दो के बीच खाली पड़े स्पेस को देखकर भड़ गए। यहां बरामदे में सीलिंग बुरी तरह लटक रहीं थीं। फिर वह अन्य वार्ड घूमते हुए सीएमएस कक्ष में पहुंचे और बिन्दूबार प्रधानाचार्य से दो टूक बात की। डिप्टी सीएम ने कहा कि निर्माण निगम के नाम पर बहानेबाजी न करें यह बताओ मरम्मत आदि के लिए पैसा आता है वह कहां जाता है। अगर कम आता है तो हमें बताओ हम दिलवायेंगे। उन्होंने कहा कि मरम्मत कार्य के साथ सबकुछ ठीक कराया जाये। इसके लिए प्रस्ताव भेजें। हम बजट दिलायेंगे। सरकार के पास पैसा की कमी नहीं हैं। उन्होंने कहा कहा कि एक महीने का समय है एक महीने में बेहतर होता है तो ठीक है बरना अब कार्रवाई की जायेगी। निरीक्षण के दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव गुप्ता, सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता, पूर्व विधायक धर्मेंद्र शाक्य सहित शामिल रहे।
रेफर सेंटर बना दिया मेडिकल कालेज
बदायूं मेडिकल कालेज से सैफई व अलीगढ़ सहित मेडिकल कालेज एवं प्राइवेट कालेज को रेफर होने वाले मरीजों की पोल डिप्टी सीएम ने खुद खोल दी। उन्होंने कहा कि मेडिकल कालेज को रेफर सेंटर बनाकर रख दिया है। अब आगे से यह परंपरा को खत्म करना है। एक महीने के अंदर सुधार हो जाये उसके बाद फिर सुनने को मिला तो कार्रवाई निश्चित होगी। कहा कि हमें मरीजों की रेफर स्लिप नहीं चाहिए हमें तो मरीजों का उपचार चाहिए।
प्रदेश के सभी मेडिकल कालेज को पॉवर दी
डिप्टी सीएम को पता चला कि बदायूं राजकीय मेडिकल कालेज में फैकल्टी कम है। ऐसी शिकायतें भी लगातार हो रही हैं और मेडिकल कालेज से रिपोर्ट भी जाती है। डिप्टी सीएम के सामने भी प्राचार्य ने फैकल्टी कम होने का बहाना बनाया तो डिप्टी सीएम ने प्राचार्य आढ़े हाथों ले लिया। उन्होंने कहा कि फैकल्टी रखने की पॉवर पहले शासन को थी लेकिन पूरे उत्तर प्रदेश में फैकल्टी रखने की पावर प्राचार्य को दे दी है। फिर भी आप फैकल्टी नहीं रख पा रहे हैं। डिप्टी सीएम बोले बहाना नहीं काम चाहिए। काम के लिए आपको तैनात किया है, काम नहीं कर पा रहे हैं तो प्राचार्य के रूप में कार्य करने को हमारे पास बहुत सारे अफसर हैं।
एकाउंटेट चला रहे मेडिकल कालेज
डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने प्रधानाचार्य उस समय जमकर क्लास ली और कड़ी नाराजगी जताई जब उन्होंने पूछ लिया कि मेडिकल कालजे की फैकल्टी क्या है, कितने डाक्टर हैं और कितने-कितने कर्मचारी हैं। प्राचार्य डॉ. अरूण कुमार को मुंहजुबानी याद नहीं था तो उन्होंने एकाउंटेंट ज्ञानेंद्र को बुलाया। जिस पर डिप्टी सीएम बृजेश पाठक और भड़क गए बोले मुझे पता है आप तो केवल नाम के प्राचार्य हो आपको तो एकाउंटेट चला रहे हैं। आपको यह नहीं पता है कि फैकल्टी क्या है। केवल हस्ताक्षर करने के प्राचार्य हो।
प्राचार्य की डिप्टी सीएम ने शिकायत
डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के सामने ही प्राचार्य डॉ. अरूण कुमार को जनप्रतिनिधियों ने घेर लिया और शिकायत की। भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव गुप्ता, सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता, पूर्व विधायक धर्मेंद्र शाक्य, डीसीबी चेयरमैन जेके सक्सेना, पूर्व एमएलसी जितेंद्र यादव सहित ने कहा कि प्राचार्य अपनी मस्ती में मस्त रहते हैं। दिक्कतों-परेशानी और अव्यवस्थाओं पर बिल्कुल गौर नहीं करते हैं। जनप्रतिनिधियों से कोई सुझाव नहीं लिया जाता है। जनप्रतिनिधि किसी मरीज के बेहतर उपचार को लेकर कहा जाये तो भी अनसुनी करते हैं। अक्सर फोन नहीं उठाते हैं।
डिप्टी सीएम की सुनिए::::
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक का कहना है कि मैंने कई बार प्रयास किया लेकिन बदायूं मेडिकल कालेज नहीं पहुंच पाया था। अचानक निरीक्षण में काफी खामियां मिली हैं। सफाई व्यवस्था ठीक न होने पर एजेंसी को हटाने एवं एक महीने का भुगतान काटने को निर्देश दिया है। प्राचार्य को एक महीने का अल्टीमेटम दिया है। एक महीने बाद फिर रिपोर्ट लेंगे और कार्रवाई करेंगे।
