बदायूं, संवाददाता।
रुहेलखंड के मिनी कुंभ कहे जाने वाले ऐतिहासिक मेला ककोड़ा को राजकीय मेला घोषित कराने की मांग एक बार फिर उठी है। ग्राम पंचायत ककोड़ा की ग्राम प्रधान/प्रशासक अमरवती ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर मेले को राजकीय मेला घोषित करने की मांग की है।
पत्र में कहा गया है कि मेला ककोड़ा करीब 500 वर्ष पुराना ऐतिहासिक मेला है और लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। मां ककोड़ा देवी मंदिर के नाम से प्रसिद्ध इस मेले में बदायूं के अलावा बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, मैनपुरी, एटा, इटावा और कासगंज सहित कई जनपदों से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। श्रद्धालु यहां 15-15 दिनों तक तंबुओं में रहकर कल्पवास करते हैं।
इस बार मेला ककोड़ा 17 नवंबर को झंडी पूजन के साथ शुरू होगा। 23 नवंबर को मेले का उद्घाटन होगा, जबकि 24 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा पर मुख्य स्नान संपन्न होगा। मेले की तैयारियों के बीच इसे राजकीय मेला घोषित कराने की मांग ने फिर जोर पकड़ लिया है।
इससे पहले भी हर वर्ष बाबा नन्हे दास सहित तमाम लोग मेला ककोड़ा को राजकीय मेला घोषित कराने की मांग उठाते रहे हैं। करीब दो वर्ष पहले जिला पंचायत की ओर से भी इस संबंध में प्रस्ताव पंचायती राज मंत्रालय को भेजा जा चुका है।
ग्राम प्रधान अमरवती ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि जिला पंचायत बदायूं द्वारा मेले की देखरेख की जाती है, लेकिन सीमित संसाधनों के कारण श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त सुविधाएं, सुरक्षा व्यवस्था और बुनियादी ढांचे का विकास नहीं हो पाता। यदि मेले को राजकीय मेला घोषित किया जाता है तो शासन स्तर से बजट आवंटित हो सकेगा और मेले को भव्य स्वरूप दिया जा सकेगा।
उन्होंने मुख्यमंत्री से लाखों श्रद्धालुओं की आस्था और बदायूं की ऐतिहासिक पहचान को देखते हुए मेला ककोड़ा को आधिकारिक रूप से राजकीय मेला घोषित करने की मांग की है।
