नया बदायूं

फर्जी बिजली कनेक्शन व बिल प्रकरण में कोर्ट सख्त, एफआईआर दर्ज करने के निर्देश

नया बदायूं, संवाददाता।

फर्जी विद्युत कनेक्शन और बिल जारी करने के मामले में न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित थानाध्यक्ष को विद्युत विभाग के अधिकारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर विवेचना करने के निर्देश दिए हैं। इस आदेश को जिले में एक अहम कानूनी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।

वादी मेहदी हसन ने न्यायालय में धारा 156(3) दंड प्रक्रिया संहिता (संशोधित धारा 173(4) बीएनएसएस) के तहत प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि 15 जुलाई 2023 को उसके पुत्र मोहम्मद तस्लीम के मोबाइल पर विद्युत विभाग की ओर से 8,007 का बिल भेजा गया। बिल डाउनलोड करने पर पता चला कि वर्ष 2022 में उनके नाम से एक ट्यूबवेल विद्युत कनेक्शन दर्शाया गया है, जबकि न तो उन्होंने कोई आवेदन किया और न ही उनके ट्यूबवेल पर मीटर लगाया गया।

प्रार्थना पत्र में यह भी आरोप लगाया गया कि तत्कालीन अधिशासी अभियंता, एसडीओ, जेई और अन्य कर्मचारियों ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर फर्जी कनेक्शन दर्शाया और बाद में बिल जारी कर धन की मांग की। विरोध करने पर फर्जी आरसी जारी करने और बिजली चोरी के मुकदमे में फंसाने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया। पीड़ित द्वारा थाने और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।

मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने प्रथम दृष्टया इसे संज्ञेय अपराध मानते हुए कहा कि यदि आवेदक के नाम पर वास्तविक कनेक्शन नहीं था और फिर भी बिल जारी किया गया, तो इसकी गहन जांच आवश्यक है।

न्यायालय ने धारा 156(3) (संशोधित धारा 173(4) बीएनएसएस) के तहत प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए संबंधित थानाध्यक्ष को निर्देशित किया कि आरोपित अधिशासी अभियंता आरएन वर्मा, एसडीओ विक्रांत सैनी, जेई सतीश कुमार तथा मीटर रीडर के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष विवेचना की जाए और रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत की जाए। इस आदेश के बाद विद्युत विभाग में भी हड़कंप मच गया है, वहीं मामले को लेकर आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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