नया बदायूं, संवाददाता।
बदायूं जनपद में अपर जिला जज व विशेष न्यायाधीश पाक्सो कक्ष संख्या दो के न्यायाधीश नीरज कुमार गर्ग ने नाबालिग लड़की को बहलाफूसला ले जाने और उसके साथ एक माह तक दुष्कर्म करने के आरोपी को दोषी माना। न्यायाधीश ने दोषी को सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 40 हजार रुपए जुर्माना डाला है। जुर्माने की संपूर्ण धनराशि पीड़िता को क्षतिपूर्ति रूप में देने का हुक्म दिया। दोषी की बहन बहन नन्ही को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
विशेष लोक अभियोजक वीरेंद्र वर्मा के अनुसार वादी मुकदमा ने थाना हजरतपुर पर तहरीर दी। जिसमें बताया, उनके घर पर दानवीर यादव रिश्तेदारी के सिलसिले में आता जाता था और रुकता था। 17 अप्रैल 2017 को रात में उसकी लड़की को दानवीर बहलाफुसलाकर भगा ले गया। जब उसे इस बात की जानकारी हुई तो उसने अपनी लड़की को काफी तलाश किया। उसका कहीं पता नहीं चला। पीड़िता अपने साथ सोने चांदी के जेवर और नगद रुपए ले गई। लड़की को भगा ले जाने में दालवीर की बहन नन्ही ने भी मदद की। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू की। इसी दौरान दानवीर उसे लेकर दातागंज आया था। वहां बस स्टैंड पर खड़े थे तभी पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस को देखकर दानवीर भाग गया, जबकि लड़की पुलिस महिला थाने ले आई। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि दानवीर की बहन उसके गांव में परिवार में ही ब्याही है। दानवीर का उसके घर आना जाना था। दानवीर उसे यह कहकर बुला कर ले गया की, नन्ही उसे बुला रही है और वहां ले जाकर दोनों ने उसे कोठरी में बंद कर दिया। सुबह चार पहिए की गाड़ी पर बैठकर उसे पानीपत ले गए। वहां एक कमरे में दानवीर ने अपने साथ एक वहां रखा और उसके साथ उसकी इच्छा के विरुद्ध रोज दुष्कर्म किया। न्यायालय में दानवीर पुत्र रामेश्वर निवासी ग्राम नगरिया खननू थाना हजरतपुर, उनकी बहन नन्ही पत्नी धर्मपाल निवासी ग्राम ग्यौती थाना हजरतपुर पर मुकदमा चलाया गया। न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य का अवलोकन किया। अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के पश्चात उक्त आरोप में दानवीर को दोषी पाते हुए उसे सजा सुनाई है। बहन नन्ही को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।

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