बदायूं संवाददाता।
कांग्रेस के बदायूं जिलाध्यक्ष अजीत यादव अपने साथियों के साथ पुलिस की कथित नजरबंदी तोड़कर दिल्ली पहुंच गए। कांग्रेस जिलाध्यक्ष के मुताबिक, पिछले छह दिनों से उनके आवास पर 24 घंटे भारी पुलिस फोर्स तैनात थी। उन्होंने आरोप लगाया कि योगी सरकार के निर्देश पर उन्हें घर में कैद रखने का प्रयास किया जा रहा था। इसके बावजूद वह पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में अपने आवास से निकलकर दिल्ली पहुंच गए।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजीत यादव और बदायूं जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता 12 अक्टूबर को दिल्ली में आयोजित होने वाले कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे। यह प्रदर्शन वोट चोरी के आरोपों के विरोध और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में आयोजित किया जाना है।
आवास के बाहर तैनात थी पुलिस फोर्स
कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजीत यादव ने बताया कि पिछले छह दिनों से उनके आवास के बाहर पुलिसकर्मियों की तैनाती थी। उन्होंने दावा किया कि पुलिस की निगरानी के बावजूद वह सामान्य पैंट-शर्ट पहनकर आवास के गेट से बाहर निकले और अपने साथियों के साथ दिल्ली के लिए रवाना हो गए। उनके अनुसार, पुलिस की मौजूदगी उन्हें दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने से नहीं रोक सकी।
भाजपा सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
अजीत यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश में अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति है और विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा चाहे जितना दमन कर ले, जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। कांग्रेस कार्यकर्ता वोट चोरी के मुद्दे पर अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह संघर्ष किसी सत्ता या कुर्सी के लिए नहीं, बल्कि देश के संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और जनता के मताधिकार की रक्षा के लिए है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार के कार्यकाल में चुनावी प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
कई राज्यों में वोट चोरी का लगाया आरोप
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने बिहार, हरियाणा, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल का जिक्र करते हुए भाजपा पर चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने चुनाव आयोग के माध्यम से वोट चोरी कर सरकारें बनाई हैं। इन आरोपों को लेकर उन्होंने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
अजीत यादव ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक का वोट महत्वपूर्ण है और मताधिकार की रक्षा करना सभी लोकतांत्रिक संस्थाओं की जिम्मेदारी है। कांग्रेस इस मुद्दे पर जनता के बीच अपनी बात रखेगी और विरोध प्रदर्शन के माध्यम से अपनी मांगें उठाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए कांग्रेस पीछे नहीं हटेगी। 12 अक्टूबर को दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन में बदायूं जिला कांग्रेस कमेटी की भागीदारी के जरिए पार्टी वोट चोरी के आरोपों और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों को प्रमुखता से उठाएगी।

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